बर्मिंघम (इंग्लैंड) में ठंड से ठिठुरते बेघरों के लिए मस्जिद के दरवाज़े खोल दिए गए।

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आप और हम फ़िरक़ों पर, मसलकों पर, पर्दे पर, सियासी रुझानों पर, हिजाब पर, मस्जिदों में एंट्री और नो एंट्री पर ही आपस में ही एक दूसरे का सर फोड़ने में लगे हैं, उधर इंग्लैंड के मुसलमान खिदमत-ऐ-ख़ल्क़ करके न सिर्फ इस्लामोफोबिया प्रोपगंडे को शिकस्त दे रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया को इस्लाम की सही नज़ीर पेश कर रहे हैं।

और यही वजह है कि अमरीका और यूरोप में इस्लाम क़ुबूल करने वालों की तादाद में लगातार इज़ाफ़ा होता जा रहा है।

अमरीका और इंग्लैंड सहित कई यूरोपीय देश भयंकर ठण्ड की चपेट में हैं, बर्मिंघम स्थित ग्रीन लेन मस्जिद और सामुदायिक केंद्र (GLMCC) ने ब्रिटेन में जीरो से नीचे पहुंचे तापमान की वजह से जारी शीत लहर से प्रभावित बेघरों को बचाने में मदद करने के लिए एक शीतकालीन मुहीम शुरू की है।

Birmingham Mail के अनुसार इस मुहीम का ख्याल चैरिटी विंग के हेड हुमायूं सलीम को आया, जो इस भयंकर शीत लहर में सड़कों पर रह रहे बेघर लोगों की बढ़ती संख्या से चिंतित हैं।

इस चैरिटी मुहीम को दो सप्ताह पहले ही शुरू किया गया था और जैसे ही मस्जिद ने पहली रात को अपने दरवाजे खोले, चार बेघर लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया।

तीसरी रात तक, 12 बेघर लोग थे जिन्होंने मस्जिद के अंदर आकर ठण्ड से निजात पाई। ग्रीन लेन मस्जिद के हाल ही में नियुक्त मैनेजर कामरान हुसैन ने कहा कि हालांकि कई संगठन मुफ्त भोजन प्रदान करने में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, मगर बेघरों को इस मौसम में सड़कों पर निकलने से परहेज़ करना होगा।

कामरान हुसैन ने कहा: “रात में सिटी सेंटर के चारों ओर कई बेघरों को सड़कों पर ठण्ड में घूमते हुए देखा जा सकता है, वो लोग इतनी भयानक ठण्ड में कंक्रीट के फर्श पर सोते हैं, इस भयंकर ठंड में बर्मिंघम में बेघर लोगों के मरने के कई मामले सामने आए हैं और हम इससे बचने में मदद करना चाहते हैं।”

ग्रीन लेन मस्जिद और कम्युनिटी सेंटर (GLMCC) अपने बड़े सामुदायिक हॉल में इन बेघरों को ठहरने की व्यवस्था कर रहा है, जहाँ वालंटियर्स इन बेघरों को खाना, पानी, नाश्ता और गर्म चाय परोसते हैं। मस्जिद की कल्याण सेवाओं के प्रमुख हुमायूँ सलीम, जो इस परियोजना के पीछे प्रेरक थे, ने कहा कि “हमारे पास स्थानीय भोजन और रेस्तरां हैं, जो ऐसे लोगों के लिए मुफ्त भोजन प्रदान करते हैं।

“हमारे अनुरोध पर स्थानीय रेस्तरां से भोजन के लिए हमें इतनी अच्छी प्रतिक्रिया मिली कि हमारे वालंटियर्स हर शाम को समुचित मात्रा में भोजन वितरित करने में सक्षम हो गए। हमारी पहली रात में, हमने मिनटों में 50 फूड पैक वितरित किए।

“हम इन बेघरों की खिदमत नस्ल, पंथ या रंग और मज़हब की परवाह किए बिना कर रहे हैं, हम कोई भेदभाव नहीं करते हैं। लोगों की ज़रूरत है और मदद करना हमारा इस्लामी फ़र्ज़ है।”

ग्रीन लेन मस्जिद और कम्युनिटी सेंटर (GLMCC) के स्टाफ ने हाल ही में एक रसोई भी शुरू की है जो कि हर शनिवार शाम को छोटे हीथ इलाक़े और उसके आसपास जरूरत मंदों को भोजन वितरित करता है।

GLMCC मुसलमानों के लिए कई अन्य कल्याणकारी सेवाएं भी चलाते हैं, जिसमें काउन्सलिंग सेवाएँ, एक आर्थिक सहायता सेवा, एक चाकू बैंक, महिलाओं के लिए सोशल कॉफ़ी मॉर्निंग और एक मासिक बुजुर्ग सामाजिक और दोपहर का भोजन शामिल हैं। साथ ही एक सब्सिडी वाली इस्लामिक अंतिम संस्कार सेवा भी प्रदान करती है।

GLMCC में एडमिन सपोर्ट असिस्टेंट क़ैस खिजर ने कहा: “हमें अपने वालंटियर्स के लिए एक मुहीम मिली है और लगभग 20 लोगों के साथ इसकी अच्छी शुरुआत हुई है।

ग्रीन लेन मस्जिद और सामुदायिक केंद्र (GLMCC) एक II ग्रेड सूचीबद्ध इमारत है, जिसे मूल रूप से एक सार्वजनिक पुस्तकालय और स्नानागार के रूप में 1893 और 1902 के बीच गोथिक-जैकबियन शैली में बनाया गया था। जिसे स्थानीय आर्किटेक्ट मार्टिन एंड चेम्बरलेन द्वारा डिज़ाइन किया गया है।

2017 में इस्लाम चैनल द्वारा आयोजित मॉडल मस्जिद प्रतियोगिता में GLMCC उपविजेता रही।

GLMCC ने दिसंबर और जनवरी में कई नई परियोजनाएं शुरू कीं, जिनमें एक मासिक बुजुर्ग सामाजिक और दोपहर का भोजन, एक सूप रसोईघर और एक सामुदायिक स्ट्रीटवॉच पहल शामिल है।

GLMCC टास्क फोर्स के अंतर्राष्ट्रीय ह्यूमन विंग ने विदेशों में चैरिटी के लिए पिछले पांच वर्षों में 5 मिलियन पाउंड्स से भी अधिक पैसा इकठ्ठा किया है, जिससे कि सीरियाई शरणार्थियों और संघर्ष विराम के दौरान भागने वाले यतीमों की मदद करेंगे।

इन दिनों GLMCC लेबनान में एक यतीम खाना बनाने में मदद कर रहा है, जहां सीरियाई विधवाओं को बेघर परिवारों को और यतीमों को आसरा दिया जाएगा।

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