जनसत्ता की खबर के अनुसार कानपुर में हाई वे पर 31 अगस्त को कथित गोरक्षकों को गांव वालों ने दौड़ा दौड़ा कर बुरी तरह पीटा, इस घटना से पहले इन गोरक्षकों ने कुछ पशु व्यापारियों का पीछा कर उनकी पिटाई की थी. गांव वाले इसी बात से भड़क गए थे, और उसके बाद उन्होंने पशु व्यापारियों पर हमला करने वाले इन गोरक्षकों को हाई वे पर बुरी तरह से पीटा और पीटते हुए पुलिस चौकी तक दौड़ाया.

रिपोर्ट्स के अनुसार फतेहपुर से यहाँ के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाइवे नंबर 2 पर हाथीगांव निवासी अब्बास फतेहपुर के मवेशी बाजार से भैंसे लेकर डीसीएम गाडी से आ रहा था, बीच रास्ते में उसे चार लोगों ने रोका और उससे दस हज़ार रूपये की मांग की, अब्बास के मना करने पर वो लोग उसे पीटने लगे, अब्बास ने उन्हें दो हज़ार रूपये देने का आश्वासन देकर बचने की योजना बनाई, इस पर उन हमलावरों ने उसकी गाडी का पीछा करना शुरू किया.

सरसौल चौकी के पास उन चारों ने अब्बास की गाड़ी का स्टीयरिंग काबू में कर लिया, जिसके बाद अब्बास की गाड़ी एक ट्रेक्टर से जा टकराई, उसके बाद अब्बास को उन चारों ने पीटना शुरू कर दिया, आसपास के लोगों ने जब ये देखा तो वो अब्बास की मदद को दौड़े आये और कुछ गांव वालों को भी मदद के लिए बुला लिया.

इसके बाद गांव वालों ने जमकर उन चारों कथित गोरक्षकों की ठुकाई की, और चारों आरोपियों को पीटते हुए पुलिस चौकी तक ले गए, गांव वालों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने पुलिस के अंदर भी उनकी ठुकाई जारी रखी, पुलिस ने बीच बचाव कर उनके बीच समझौता करा दिया. इसी दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, आरोपियों को बचाने और समझौता कराने से जुडी ये वीडियो क्लिप वायरल हो गयी तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया.

पुलिस ने इसके बाद दोनों पक्षों के चार चार लोगों को हिरासत में लिया फिर दोनों पक्षों की रिपोर्ट लिखी, आरोपियों की पहचान विक्की, रवि, आशीष और दिवाकर के रूप में हुई है, पुलिस के अनुसार मामले में लापरवाही बरतने के मामले में एक कांस्टेबल बृजेश को निलंबित कर दिया गया है.

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