अमरीका में पहली दो मुस्लिम महिलाओं ने क़ुरआन की शपथ लेकर इतिहास बनाया है,  The National की खबर के अनुसार अमरीका के मध्यावधि चुनाव में दो मुस्लिम महिलाओं ने पहली बार कांग्रेस में अपनी जगह बनाई है, और साथ में इतिहास भी बनाया है, ये दोनों महिलाएं हैं : डेमोक्रेटिक पार्टी की इल्हान उमर और राशिदा तालिब।

इसमें इल्हान उमर हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली पहली अमेरिकी मुस्लिम महिला बन गयीं हैं।

इन दोनों मुस्लिम महिलाओं का अमरीकी संसद में जगह बनाना इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ वक्त से ट्रंप की नीतियां मुस्लिम विरोधी, प्रवासियों और शरणार्थियों के हक़ में नहीं मानी जाती रही हैं।

जानिये इल्हान उमर के बारे में :-

इल्हान उमर इससे पहले मिनेसोटा की प्रतिनिधि सभा में चुनी जाने वाली पहली सोमालियाई अमरीकी मुस्लिम महिला का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं, इल्हान उमर ने अगस्त में डेमोक्रेटिक रिप्रेजेंटेटिव कीथ एलिसन की जगह लेते हुए अपनी दावेदारी पक्की की थी।

इल्हान उमर ने नवंबर में चुनाव जीतने के बाद से ही इस नियम के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी। जीत के बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘मेरे सिर पर स्कार्फ किसी अन्य ने नहीं बल्कि मैंने खुद बांधा है। यह मेरी पसंद है, जिसकी रक्षा पहले संशोधन से की गई है। और यह आखिरी प्रतिबंध नहीं है, जिसके खिलाफ मैं आवाज उठाने वाली हूं।’ स्पीकर चुनी गईं नेन्सी पैलॉसी और सदन नियम समिति के चेयरमैन जिम मैक्गवर्न ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए इस बदलने वाले नियमों के पैकेज में शामिल किया था। हालांकि उनके साथ चुनी गई दूसरी मुस्लिम महिला राशिदा तालिब हिजाब नहीं पहनती हैं।

इल्हान उमर सभी के लिए मेडिकल सुविधाओं, आपराधिक न्यायिक मामलों में सुधार, न्यूनतम मज़दूरी के लिए किए कामों के लिए जानी जाती हैं, मध्यावधि चुनाव में उमर ने रिपब्लिकन जेनिफर ज़ाइलिंस्की को शिकस्त देकर जीत हासिल की थी, टाइम मैगज़ीन के मुताबिक़, 12 साल की उम्र में बतौर शरणार्थी उमर अमरीका आई थीं. उमर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ”मुझे बचपन से राजनीति में दिलचस्पी थी. मैं अपने दादा से काफ़ी प्रभावित थी. वो लोकतांत्रिक सरकारों के विचार को बेहद पसंद करते थे. मेरे लिए राजनीतिक सक्रियता जीत या हार तक नहीं है. मैं बदलाव पसंद करती हूं।”

जानिये राशिदा तालिब के बारे में :-


42 साल की राशिदा तालिब भी इल्हान उमर की तरह फिलस्तीनी प्रवासी हैं, उनके पिता फिलस्तीन से अमरीका आकर बस गए थे।

राशिदा तालिब ने मध्यावधि चुनाव के लिए अपनी दावेदारी तब पुख्ता कर ली थी, जब उन्होंने डेमोक्रेट ब्रेंडा जॉन्स को प्रारंभिक चुनावों में हरा दिया था, राशिदा तालिब ने पहली बार इतिहास साल 2008 में रचा था. जब उन्होंने मिशिगन लेजिसलेचर चुनाव जीता था,वो ऐसा करने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं।

दो बच्चों की मां राशिदा तालिब ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2004 में की थी। 2016 में उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चुनावी अभियान में भाग लिया था। तालिब अपनी उग्र और तेज तर्रार छवि के लिए जानी जाती हैं, जिन्होंने थॉमस एम कुले लॉ स्कूल में एक कानून और राजनीति विज्ञान डिग्री हासिल की हैं। अपनी जीत के बाद ‘द गार्डियन’ से बात करते हुए तालिब ने कहा था, ‘मैं कभी भी किनारे पर खड़ी होने वालों में से नही रही हूं। मेरा चुनाव ऐतिहासिक है, मैं अन्याय के कारण और अपने बच्चों की वजह से चुनाव में हिस्सा लिया, जो उनकी मुस्लिम पहचान पर सवाल उठा रहे थे।

राशिदा तालिब के अहम चुनावी मुद्दे न्यूनतम मज़दूरी को 15 डॉलर करना रहा है. वो समाजिक सुरक्षा और बेहतर मेडिकल सुविधाओं के हक़ में भी बातें करती रही हैं।

ट्रंप की आलोचक रही तालिब का निशाना सीधा डोनाल्ड ट्रंप हे थे। तालिब ने पिछले साल अपने पूरे चुनावी अभियान में ट्रंप पर हमला बोला था। यहां तक कि मार्च में उसने अपने एक ट्वीट में कहा था कि वे राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लगाने के लिए चुनाव लड़ रही है और वह इसके लिए एक जाल भी बनाएगी। तालिब के इस बयान के बाद कई लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं, तो कई समर्थन में भी खड़े दिखाई दे रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद भी तालिब ने अपने बयान पर कायम रहते हुए ट्वीट किया, ‘मैं हमेशा सत्ता के लिए सच्च बोलूंगी।’