मैंने भाजपा में इसलिए शामिल होने की इच्छा जताई कि मेरा मानना है कि यह देशहित में सोचने वाली पार्टी है. राष्ट्रीय स्तर की यह एक मात्र देशभक्त पार्टी है और इसमें परिवार का शासन नहीं है.’’

ये शब्द हैं मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में असीमानंद और चार अन्य को बरी करने का फैसला सुनाने वाले पूर्व न्यायाधीश के. रविन्दर रेड्डी के जो अब भाजपा ज्वाइन करना चाहते हैं।

विभिन्न समाचार पत्रों में छपी ख़बरों के अनुसार जस्टिस के. रविन्द्र रेड्डी ने अब बीजेपी जॉइन करने की इच्छा जाहिर की है। गुरुवार को बीजेपी को एक देशभक्त पार्टी बताते हुए रविन्दर रेड्डी ने पार्टी में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। इस बयान के दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि बीजेपी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें परिवार का शासन नहीं है।

बताया जा रहा है कि रेड्डी गुरुवार को ही बीजेपी की सदस्यता लेने वाले थे, लेकिन बाद में इस कार्यक्रम को टाल दिया गया। गौरतलब है कि विशेष आतंकवाद निरोधक अदालत के तत्कालीन जज रविन्दर रेड्डी ने इस साल 16 अप्रैल को मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी करने का आदेश दिया था। इस फैसले के बाद इस्तीफा देने वाले रेड्डी ने अब बीजेपी का हाथ थामने की इच्छा जताई है।

सूत्रों के मुताबिक जस्टिस रेड्डी गुरुवार को तेलंगाना बीजेपी कार्यालय में बीजेपी की सदस्यता लेने पहुंचे थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करने के निर्देश दे दिए गए। इसी के बाद कार्यालय में प्रस्तावित सदस्यता समारोह को भी टाल दिया गया। माना जा रहा है कि जस्टिस रेड्डी राज्य की करीम नगर विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं और इसी के लिए उन्होंने बीजेपी का हाथ थामने का मन बनाया है।