केरल में बाढ़ से मरने वालों की तादाद 173 हुई

केरल में बाढ़ से मरने वालों की तादाद 173 हुई
0 0
Read Time3 Minute, 9 Second

केरल में चार ज़िलों में पिछले 24 घंटों के दौरान 100 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इसके साथ ही राज्य में मानसून के दूसरे चरण में आठ अगस्त के बाद से बारिश और बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है.

सूत्रों ने बताया कि राज्य के सभी 14 ज़िलों में से एक को छोड़ कर सभी हाई अलर्ट पर हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केरल में इस शताब्दी के सबसे ख़तरनाक मानसून का सामना कर रहा है.

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने केरल में करीब एक सदी में आई सबसे भीषण बाढ़ की वजह से तेजी से बिगड़ती स्थिति की समीक्षा के लिए नयी दिल्ली में बैठक की. कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में थल सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के अलावा, गृह, रक्षा सचिवों समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की.

तकरीबन दो लाख लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और तमाम ज़िलों के गांव बाढ़ में पूरी तरह से डूब चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि तकरीबन 1.65 लोग 1,155 राहत शिविरों में रहे हैं. इनमें से 1.12 लाख लोग अकेले एर्णाकुलम ज़िले से हैं.

सेना, नौसेना, वायुसेना और एनडीआरएफ कर्मियों ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित एर्नाकुलम, पथनमथिट्टा और त्रिशूर ज़िलों से शुक्रवार सुबह वहां फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया. सुबह से छोटे बच्चों समेत कई बुजुर्ग एवं महिलाओं को बचाया गया.

भारतीय नौसेना ने त्रिचुर, अलुवा और मवूत्तुपुझा में फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला है. वीडियो में दिखाया गया है कि लोग जलमग्न घरों की छतों और पहाड़ों पर हैं तथा नौसेना हेलीकॉप्टरों के ज़रिये निकाल रही है.

कुछ नगरों और गांवों में पानी का स्तर दो मंज़िला मकानों की ऊंचाई तक पहुंच गया जिसके बाद बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी और सोशल मीडिया में बचाव और राहत के लिए अपील करनी पड़ी.

अलुवा, कालाडी, पेरुम्बवूर, मुवाट्टुपुझा एवं चालाकुडी में फंसे लोगों को निकालने के कार्य में मदद के इरादे से स्थानीय मछुआरे भी अपनी-अपनी नौकाएं लेकर बचाव अभियान में शामिल हुए हैं.

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *