कल 26 सितम्बर की ही तो बात है बिहार के नवादा से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जी ने राहुल गाँधी के सवाल पर दहाड़ कर बताया था कि ‘देश में आज 12 हज़ार करोड़ रोज़गार देश के 70 फ़ीसदी युवाओं के हाथ में है।’ और आज ही इनके झूठ की पोल अंतर्राष्ट्रीय स्तर खुल गयी है।

प्रसिद्द अमेरिकी वेबसाइट huffington post ने खुलासा किया है कि भारत में बेरोजगारी की दर पिछले 20 वर्षों की अवधि में सबसे उच्च स्तर पर है।

अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सस्टेनेबल एम्प्लॉयमेंट द्वारा ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया’ शीर्षक से किये गए अध्ययन के मुताबिक उच्च आर्थिक विकास के आंकड़ों के बावजूद भारत नौकरियों का सृजन करने में नाकाम रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि, बेरोजगारी हर साल बढ़ रही है। भारत में बेरोजगारी की दर कई सालों तक 2 से 3 प्रतिशत के बीच रही, लेकिन 2015 में यह 5 प्रतिशत पर पहुंच गई। सबसे गंभीर स्थिति युवाओं की है।

अध्ययन के मुताबिक युवाओं और शिक्षित लोगों में बेरोजगारी की दर 16 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो 20 वर्षों में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 82 प्रतिशत पुरुष और 92 प्रतिशत महिलाएं 10 हजार रुपए से भी कम कमाती हैं।

रिपोर्ट करती है कि GDP तो बढ़ी है लेकिन रोजगार में बढ़ोतरी नहीं हुई है। रिपोर्ट कहती है कि सकल GDP में 10% की वृद्धि के परिणामस्वरूप रोजगार में 1% से भी कम वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2015-16 में भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार की दर में 0.1 फीसदी और 2014-15 में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।