यहाँ तीन फोटो हैं पहला है दो दिन पहले मेरठ के लव जेहाद कांड का जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस का बदनुमा चेहरा सामने आया है, और पुलिस की इस क्रूर और अमानवीय कार्रवाही की देश व्यापी भर्त्सना की जा रही है, इसी के चलते तीन को सस्पेंड भी क्या जा चुका है।

साथ में दूसरा फोटो है हापुड़ में हुई क़ासिम की लिंचिंग का जिसमें भी पुलिस का निर्मम रवैया साफ़ देखा जा सकता है, इस कृत्य के चलते भी विभागीय कार्रवाही की गयी थी, ये केवल भारत देश की पुलिस के दो ही चेहरे हैं जो कि क़ानून के रक्षकों और इंसाफ दिलाने वाली पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हैं।

साथ में तीसरा फोटो है अमरीका के न्यू यॉर्क, लॉस एंजेल्स और मियामी से भारत आये पुलिस अधिकारीयों के शिष्ट मंडल का जो कि यहाँ महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों और विचारों का अध्ययन करेंगे और साथ ही इस बात पर विचार करेंगे कि उन सिद्धांतों को अमरीका में किस तरह से अमल में लाया जाए।

Times of India की खबर के अनुसार ये शिष्ट मंडल मुंबई आया है और वो शुक्रवार और शनिवार को को मुंबई में मणि भवन और छाबड हाउस का दौरा करेंगे।

पुलिस अधिकारीयों के इस शिष्ट मंडल में आये ऑफिसर फ्रैंक स्ट्रॉब 9/11 हमले में कई पीड़ितों को बचाने के लिए जाने जाते हैं, वो मुंबई में 26/11 हमले में मारे गए लोगों के परिवारों से भी मिलेंगे।

साथ ही ये शिष्ट मंडल 26/11 हमले में शहीद हुए कांस्टेबल तुकाराम की पत्नी और बच्चों को, ATS ऑफिसर विजय सालस्कर, होटल ताज के प्रतिनिधयों और निधि चापेकर जो कि ब्रुसेल्स एयरपोर्ट हमले में घायल हुई थीं, को विशेष पदक और पुरस्कार भी देगा।

अमरीकी पुलिस ऑफिसर्स का ये शिष्ट मंडल मुंबई की NGO ‘फ्रॉम इंडिया विद लव’ द्वारा ‘Countering Violence and Extremism’ विषय पर आयोजित वर्ल्ड समिट में हिस्सा लेगा।

गाँधी के इस देश में विदेश से पुलिस अधिकारी अहिंसा, कर्तव्य और नैतिकता को समझने, गाँधी के सिद्धांतों को सीखने भारत आ रहे हैं ताकि उनको अपने देश में लागू कर सकें, वहीँ दूसरी और गाँधी के देश की पुलिस मेरठ काण्ड जैसी निंदनीय हरकतें कर इस देश का नाम विदेशों में बदनाम कर रही है, ये बहुत ही अफ़सोस की बात है।

साथ ही इस बात का संतोष भी है कि आज भी विदेशों में भारत बापू के देश के नाम से जाना पहचाना जाता है, काश कि देश की सियासत थोड़ी फुर्सत निकाल कर गाँधी के इस देश की धूमिल होती छवि को सुधारने के लिए दो मिनट का मंथन करें।