DNA  की खबर के अनुसार उत्तरप्रदेश के ललितपुर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मानवेन्द्र सिंह और सुपरिन्टेन्डेन्ट पुलिस ओ पी सिंह ने एक संयुक्त आदेश जारी कर सभी पत्रकारों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स की जानकारियां जिला सूचना कार्यालय में देने के आदेश जारी किये हैं.

साथ ही सभी व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन्स को अपने आधार कार्ड की कॉपी, फोटो, ग्रुप मेंबर्स की जानकारियां जिला सूचना कार्यालय में जमा कराने को कहा है, ये विभाग खुद योगी आदित्यनाथ देख रहे हैं.

इसके अलावा सभी स्थानीय न्यूज़ वेब पोर्टल्स को इस विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है, बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी वेब पोर्टल कुछ भी प्रकाशित नहीं कर सकता, यदि ऐसा हुआ तो उसके खिलाफ IT एक्ट में कार्रवाही की जाएगी.

इस तरह के आदेशों का कारण दस दिन पहले चौकी गांव में लोध और कुशवाहा समाज द्वारा मंदिर निर्माण को लेकर कुछ स्थानीय पत्रकारों ने बिना तस्दीक़ किये मामले को हवा दी थी और उसके कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया था.

ललितपुर प्रेस क्लब इस आदेश पर दो धड़ों में बंट गया है, प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजवी बाबेल का कहना है कि वो इस आदेश को वापस लेने के लिए लड़ाई लड़ेंगे ये प्रेस की आज़ादी पर हमला है.

वहीँ फ्रीलांस जर्नलिस्ट अर्चना शुक्ला ने इस आदेश का समर्थन करते हुए कहा है कि प्रेस को अपनी सीमाएं तय करना चाहिए, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ की भरमार है, हमें इसका ध्यान रखना है या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए.

इस आदेश के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाही के भय से स्थानीय पत्रकारों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स डिलीट कर दिए हैं.

वहीँ दूसरी ओर राज्य सरकार ने इस तरह से प्रेस की आज़ादी को नियंत्रित करने के किसी भी आदेश से इंकार किया है, राज्य सूचना विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी ने कहा है कि वो ललितपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए इस आदेश के मुद्दे को देखेंगे, राज्य सरकार ने इस तरह के कोई भी निर्देश जारी नहीं किये हैं.

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