नवभारत टाइम्स    और जनसत्ता में प्रकाशित खबर के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां बुधवार को मध्य प्रदेश पहुंची थीं। यहां की 10 नदियों में अस्थि विसर्जन किया गया। इस दौरान ग्वालियर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। शिवराज सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अटल के परिजन भी आमंत्रित किए गए थे। हैरानी की बात यह है कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनके परिजनों की सुध किसी सरकारी अधिकारी ने नहीं ली और कथित रूप से उनलोगों को ऑटो में घर जाना पड़ा।

दरअसल, इस कार्यक्रम का एक विडियो वायरल हुआ है, इसमें अटलजी की भतीजी और परिवार के अन्य सदस्य ऑटो रिक्शा खोजते नजर आ रहे हैं। अटलजी की भतीजी कांति तिवारी, उनके पति ओपी मिश्रा और बेटी कविता तिवारी अटल कलश यात्रा कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए थे। कार्यक्रम खत्म होते ही आयोजक उन्हें भूल गए। किसी को भी उन्हें घर भेजने की सुध नहीं रही। आखिर तीनों सड़क पर आए। यहां से ऑटो किया और उसमें बैठकर निकल गए।

एसडीएम की दलील :
इस मामले में एसडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला ने कहा, ‘सरकार के आदेश के बाद हम लोगों ने राजकीय मेहमानों के लिए वाहनों का इंतजाम किया था।’ अटलजी की गोद ली पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य, उनके भतीजे और पूर्व सांसद अनूप मिश्रा राजकीय मेहमान थे। उन्हें सम्मान सहित लाया गया और भिजवाया गया। वहीं, कांति तिवारी ने कहा, ‘हम लोग ऑटो वाले थे, बाकी सारे लोग कार वाले थे।’

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