सरकार देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर खड़े सेना के अफसरों और जवानों का कितना ख्याल रख रही है, ये इस खबर से पता चलता है कि सेना के पास अपने अफसरों, जवानों को भत्ते देने के भी पैसे नहीं है।

Hindustan Times के अनुसार भारतीय सेना के पास फंड की भारी कमी के चलते उसने अपने अफसरों को टूर और ट्रेनिंग के तौर पर दिए जाने वाले भत्तों पर रोक लगा दी है।

पैसों की कमी के चलते इस तरह के भत्तों पर रोक लगाने की यह जानकारी अकाउंट्स डिविजन द्वारा ही वेबसाइट पर दी गई थी। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि वेबसाइट पर जारी किए गए इस तरह के पोस्ट ने सेना की खराब छवी को दर्शाया है।

Principal Comptroller of Defence Accounts (PCDA) प्रिंसिपल कॉम्पट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स की पोस्ट में कहा गया था कि फंड्स की कमी होने के कारण TA (ट्रेवलिंग अलाउंस) और DA (डियरनेस अलाउंस) नहीं दिए जाएंगे। जब फंड आएंगे तब भत्ते दिए जाएंगे। हालांकि लीव ट्रेवल कन्सेशन (LTC) की सुविधा जारी रखी जाएगी।

बताया जा रहा है कि भत्ते पर रोक का असर कई सौ अधिकारियों पर पड़ेगा। सेना में करीब 40,000 अफसर हैं जिसमें से करीब 1000 अफसर हमेशा ही या तो यात्रा कर रहे होते हैं या फिर किसी कोर्स, प्लानिंग कॉन्फ्रेंस, कोर्ट ऑफ इन्कवॉरी व अन्य चीजों में शामिल होने को लेकर अस्थाई ड्यूटी पर होते हैं।

ये तब है जबकि हाल ही में पेश किए गए अंतरिम बजट के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि उसे अब तक का सबसे अधिक फंड आवंटित किया गया है जो की पिछले साल के मुक़ाबले 7% ज़्यादा है।