बुधवार की रात यवतमाल में शिवसेना की युवा इकाई युवा सेना के सदस्यों ने कथित तौर पर यवतमाल में दयाभाई पटेल फिजिकल एजुकेशन कॉलेज में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों पर हमला किया और उन्हें धमकी दी थी और इसका वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड भी कर दिया था।

पीड़ितों ने गुरुवार को लोहारा थाने में शिकायत दर्ज कराईथी, एक पीड़ित छात्र ने कहा, ‘हमसे कहा गया कि यहां रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा। बुधवार शाम जब हम बाजार से लौट रहे थे तो उन्होंने थप्पड़ मारे और हमसे बदसलूकी की।’ छात्र ने कहा कि हमलावरों ने हमसे कमरे खाली करके चार दिनों के भीतर कश्मीर लौट जाने को कहा।

हमें चेतावनी दी गई कि यदि इस दौरान हम वापस नहीं गए तो वे हमें मार डालेंगे। छात्र ने कहा, ‘हमारा इससे (पुलवामा हमले से) कोई लेना-देना नहीं है। जो कुछ भी हो रहा वह बाहरी इलाके में हो रहा है। हम यहां पढ़ने आए हैं। अगर हम कश्मीर वापस जाएं तो वहां भी हालात खराब है। ना तो हम वहां पढ़ सकते हैं, ना ही यहां हमें पढ़ने दिया जा रहा।’

Indian Express के अनुसार अब शिव सेना की युवा सेना के प्रमुख आदित्य ठाकरे ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए आज यवतमाल की उक्त घटना के आरोपी सेना के सदस्यों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अपने एक टवीट में आदित्य ठाकरे ने कहा कि “पार्टी ने उस कृत्य में शामिल सदस्यों को निष्कासित कर दिया है, जम्मू कश्मीर भारत का अंग है और किसी भारतीय को आतंकवाद के प्रति गुस्से का शिकार नहीं बनना चाहिए। हम गुस्सा समझते हैं लेकिन ये आतंकवाद के खिलाफ होना चाहिए निर्दोषों के खिलाफ नहीं।

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