जनसत्ता में प्रकाशित खबरके अनुसार भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार (6 सितंबर, 2018) को टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता होने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के देश प्रति योगदान को खूब याद किया। खास बात यह है कि उनके अलावा वार्ता में मौजूद किसी नेता ने पूर्व पीएम का नाम तक नहीं लिया।

ट्रंप प्रशासन के खास नेताओं में गिने जाने वाले मैटिस ने वार्ता के बाद नेहरू की तारीफ करते हुए बताया कि भारत और अमेरिका ने स्वतंत्रता के मौलिक सम्मान और प्यार को कैसे साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारत की आजादी के महज तीन साल बाल नेहरू अमेरिका पहुंचे थे। मैटिस ने याद करते हुए आगे कहा, ‘उन्होंने (पूर्व पीएम नेहरू) कहा था कि वो ‘अमेरिका के दिमाग और दिल की खोज’ की यात्रा पर थे।’

अमेरिकी रक्षा मंत्री मेटिस ने बताया कि वह और अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पियो उसी भावना को लाए थे जो नेहरू लगभग 70 साल पहले वाशिंगटन पहुंचे थे। बता दें कि उन्होंने ऐसा तब कहा जब भारतीय विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने एक बार भी नेहरू का जिक्र नहीं किया।

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के तहत पाकिस्तान को भी खूब लताड़ा। दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल सीमापार आतंकी हमलों के लिए नहीं होने दे। साथ ही, पाकिस्तान से पूर्व में आतंकी हमलों के लिए दोषी अपराधियों के खिलाफ जल्द कानून कार्रवाई करने की मांग की गई। नई दिल्ली और वाशिंगटन ने विस्तृत हिंद-प्रशांत क्षेत्र को उन्मुक्त व खुला रखने की दिशा में एक साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की।

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