प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने शिकागो में विश्व हिंदू कांग्रेस की कार्यवाही को थोड़ी देर के लिए बाधित किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सम्मेलन में भाग ले रहे धार्मिक नेताओं से भारत सरकार के अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित कदमों का विरोध करने की मांग की।

इनमें से दो महिला प्रदर्शनकारियों को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया था, वो नारे लगा रही थीं कि ” ‘RSS turnaround, we do not want you in town’,”RSS लौट जाओ, हम आपको शहर में नहीं चाहते हैं’। स्थानीय पुलिस ने उन पर उत्पाती आचरण करने का आरोप लगाया, उन्हें देर रात रिहा कर दिया गया।

शिकागो साउथ एशियंस फॉर जस्टिस का प्रतिनिधित्व करते हुए दोनों महिलाओं ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि उन्होंने इसमें भाग लेने वाले नेताओं से धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ सरकार की हालिया कार्रवाई का विरोध करने का अनुरोध करने के वास्ते विश्व हिंदू सम्मेलन के दौरान प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के आयोजकों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी नकली पहचान पत्र के जरिए आयोजन स्थल में घुसे।

पुलिस को मामले की सूचना दी गई और वह इसकी जांच कर रही है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और संगठन के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबले तथा छह अन्य शीर्ष हिंदू धार्मिक नेता इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन में भाग लेने वाले कुछ लोगों प्रदर्शनकारियों को बैनर दिखाने से रोका और उन्हें सभागार से बाहर ले जाया गया। होटल के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना के बाद होटल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का रविवार को डब्ल्यूएचसी को संबोधित करने का कार्यक्रम है।