पुलवामा आतंकी हमले में शहीद CRPF जवान की विधवा को #SayNoToWar का समर्थन करने पर दक्षिणपंथियों ने ट्रॉल किया।

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CRPF पर हुए पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवान बबलू संत्रा की विधवा पत्नी मीता संत्रा को भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई के बजाय वार्ता को आगे बढ़ाने और युद्ध टालने कीअपील करने,  #SayNoToWar मुहिम का समर्थन करने पर सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी लोगों द्वारा ट्रॉल किया जा रहा है, अपशब्द कहे जा रहे हैं।

The Week में प्रकाशित खबर के अनुसार अपने पति के शहीद होने के बाद मीता संत्रा ने गुहार लगाई थी कि “हमें युद्ध के बजाय बातचीत का मौका देना चाहिए, युद्ध से कई और लोगों की जान जा सकती है।”

 

मीता भी उन लोगों में शामिल थी जो सोशल मीडिया पर #SayNoToWar टवीट कर रहे थे। मीता संत्रा ने सरकार से अपील की थी कि वो पाकिस्तान से बातचीत कर विंग कमांडर अभिनन्दन की सकुशल वापसी के प्रयत्न करे।

मीता संत्रा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें दक्षिणपंथी सोशल मीडिया हैंडल से ट्रोल किया गया, उन्हें डरपोक और आत्मकेंद्रित बताया गया। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस शाखा ने गुरुवार को पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट में अपने शहीद हुए पति की विधवा को सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी हैंडल्स द्वारा ट्रॉल करने को लेकर टवीट कर निंदा की।

महिला कांग्रेस के ट्विटर हैंडल ने कहा गया कि : “मीता ​​संत्रा, जिनके पति, बबलू संत्रा उन 40 जवानों में से एक थे, जिनकी मौत #PulwamaTerrorAttack में हुई थी, के साथ निंदनीय बर्ताव किया गया, उन्हें दक्षिणपंथी हैंडल्स से ट्रोल किया गया है।

कांग्रेस के स्टूडेंट्स विंग NSUI के हाल ही में नियुक्त अध्यक्ष नीरज कुंदन ने मीता को ट्रोल करने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। कुंदन ने ट्वीट किया, “पुलवामा हमले में मीता संत्रा ने अपने पति को खो दिया और अब उन्हें @ BJP4India द्वारा ट्रोल किया जा रहा है जब वह युद्ध के विरोध में अपील करती है। ऐसे दोहरे मापदंड।”

वहीँ मानवाधिकार कार्यकर्ता कविता कृष्णन भी मीता के समर्थन में आगे आईं, कृष्णन, जो अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की सचिव हैं, ने ट्वीट किया कि उनका संगठन मीता के साथ खड़ा है। कृष्णन ने ट्वीट किया, “… वह किसी भी सैनिक की तरह ही साहसी है और ये आर्मचेयर योद्धा हैं जो ट्रोल करते हैं, जो कायर होते हैं।”

ये पहली बार नहीं है जब ‘युद्ध के बजाय शांति’ की बात पर सैनिकों या सुरक्षा बलों के परिजनों को ट्रॉल किया जा रहा है, इससे पहले कारगिल शहीद की बेटी गुरमेहर कौर को भी युद्ध समर्थकों और दक्षिणपंथी हैंडल्स से ट्रॉल किया गया था।

ट्रॉल्स के इस घटिया बर्ताव पर मीता संत्रा का कहना है कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबको है, अगर दो लोग मुझे ट्रॉल कर रहे हैं तो दस लोग मेरे विचारों से सहमत भी हैं।”

मीता ने यह भी कहा कि “मैं चाहती हूं कि बलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, सभी फोर्सेज चाहे वो सेना हो या अर्धसैनिक बल जैसे CRPF या ITBP भारत सरकार के हैं और यह सरकार का कर्तव्य है कि वह इन सबकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करे।”

अपनी देश की सेना और सुरक्षाबलों पर गर्व करते हुए मीता कहती हैं कि “मैं अपने वायु सेना, सेना, नौसेना और अर्धसैनिक बलों की महान बहादुरी का समर्थन करती हूं, उन्होंने मंगलवार को जो किया है वह बेहद सराहनीय है। मैं नागरिकों की हत्या किए बिना आतंकवादियों को खत्म करने के लिए IA F द्वारा अपनाई गई विधि पर पूरी तरह सहमत हूं। मेरा विरोध बड़े युद्ध के खिलाफ है, आतंकवादी हमारे देश और समाज के दुश्मन हैं। मेरा पति भी इसी क्रूर आतंकवाद का शिकार हुए थे। ”

6 साल की पुत्री की माँ मीता संत्रा अपनी बुज़ुर्ग सास के साथ रहती हैं, इतिहास में स्नातकोत्तर डिग्री और निजी स्कूल में पढ़ाने वाली मीता ने कहा कि उन्हें CRPF में नौकरी की पेशकश की गई है, लेकिन अभी तक इसे लेने का फैसला नहीं किया गया है, चूंकि CRPF में नौकरी हस्तांतरणीय होगी। उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने के बाद उन्हें उनकी वृद्ध सास की देखभाल करने में कठिनाई भी आएगी।

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