अब्दुल खालिक अंसारी की एक वसीयत जिसे सुनकर कर पूरा शहर तारीफ कर रहा है।

अब्दुल खालिक अंसारी की एक वसीयत जिसे सुनकर कर पूरा शहर तारीफ कर रहा है।
0 0
Read Time2 Minute, 30 Second

मुंगावली के रहनेवाले C.I.D. के रिटायर्ड SP अब्दुल खालिक अंसारी का 30 जनवरी को भोपाल में इंतेक़ाल हुआ था, अंसारी 1994 में भोपाल सीआईडी से सेवानिवृत एसपी थे। सोमवार को खिराजे अकीदत के मौके पर जब उनके एडवोकेट बेटे ए.के. अंसारी ने बार एसोसिएशन के सदस्यों और गणमान्य लोगों के सामने अपने वालिद की वसीयत पढ़ी तो शहर के लोगों के दिलों में अंसारी साहब के लिए सम्मान और बढ़ गया ।

अमर उजाला की खबर के अनुसार अपनी वसीयत में अब्दुल खालिक अंसारी ने अपने छह बेटे-बेटियों को 50-50 पेड़ लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कहा है।

उन्होंने अपनी वसीयत मे लिखा : मेरे घर के चारों तरफ धार्मिक स्थान है जिनमें जामा मस्जिद, जैन मंदिर, कृष्णा मंदिर, दरगाह है। मैं चाहता हूं कि मुंगावली में ऐसा कार्य किया जाए जिससे सभी धर्मों एवं समाज के लोग मुझे हमेशा याद रखें। इसलिए मैं अपने बेटे ए.के. अंसारी अंसारी और सभी 6 बेटे-बेटियों से गुजारिश करता हूं कि वह 50 -50 पेड़ लगाएं।

इसके साथ ही अब्दुल खालिक अंसारी मुंगावली के जिस मोहल्ले में रहते थे उनके घर से सटी डिप्टी मस्जिद को 1 लाख, बार एसोसिएश को किताबों के लिए 10 हजार, जामा मस्जिद को 10 हजार, जैन मंदिर, कृष्ण मंदिर, पुरानी तहसील दरगाह और देवी मंदिर पर पानी व्यवस्था के लिए सभी को 5 – 5 हजार देने को कहा है। साथ ही मुंगावली के जिस मिडिल स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की उस स्कूल को भी 10 हजार रुपए देने की बात वसीयत में लिखी है।

अब्दुल खालिक अंसारी की इस वसीयत को सुनकर पूरा शहर उनकी तारीफ कर रहा है, लोग कह रहे हैं कि अंसारी साहब इस शहर के लोगों के दिलों में हमेशा रहेंगे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *