जानिए बिहार के शेखपुरा की नयी DM और IAS इनायत खान के बारे में।

स्पेशल स्टोरी : via - The Indian Awaaz By Syed Ali Mujtaba. बुधवार को बिहार राज्य के शेखपुरा में IAS अफसर इनायत खान ने DM का पदभार संभाला है, इससे पहले वो...

अब्दुल खालिक अंसारी की एक वसीयत जिसे सुनकर कर पूरा शहर तारीफ कर रहा है।

मुंगावली के रहनेवाले C.I.D. के रिटायर्ड SP अब्दुल खालिक अंसारी का 30 जनवरी को भोपाल में इंतेक़ाल हुआ था, अंसारी 1994 में भोपाल सीआईडी से सेवानिवृत एसपी थे। सोमवार को...

बर्मिंघम (इंग्लैंड) में ठंड से ठिठुरते बेघरों के लिए मस्जिद के दरवाज़े खोल दिए गए।

आप और हम फ़िरक़ों पर, मसलकों पर, पर्दे पर, सियासी रुझानों पर, हिजाब पर, मस्जिदों में एंट्री और नो एंट्री पर ही आपस में ही एक दूसरे का सर फोड़ने...

अपने कारनामों से दुनिया को हैरान करने वाली वंडर गर्ल – 7 साल की रिफाह तस्कीन।

जानिये एक 7 साल की बच्ची रिफाह तस्कीन से जिसने इतनी छोटी से उम्र में कई बड़े कारनामे कर अपना नाम 'गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स' में अपना नाम दो...

कश्मीर की 14 साल की रुबायता उमीद ने छोटी सी उम्र में ही इंग्लिश में तीन नॉवेल लिख डाले।

कश्मीर के कुंजेर की रहने वाली 14 साल की रुबायता उमीद आम हम उम्र बच्चों की तरह ही है, वो स्मार्ट फ़ोन पर गेम खेलती है, अपने कज़िन्स के साथ...

पिता ने अपने बेटे के लिए प्लास्टिक बोतल से बनाया ‘घरेलू प्रोस्थेटिक हाथ’ ताकि वो पढ़ लिख सके।

फोटो में जो बच्चा नज़र आ रहा है उसका नाम है ज़ियाद मोहम्मद, मिस्र के रहने वाले 11 वर्षीय ज़ियाद के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं थे, जब वो...

जानिए ग़रीबों के मसीहा और उनकी नि:स्वार्थ सेवा करते दिल्ली के ‘मेडिसिन बाबा’ के बारे में।

79 साल के एक बुज़ुर्ग रोज़ सुबह तैयार होकर दिल्ली की कालोनियों में झोला लेकर निकल जाते हैं, वो घर घर जाकर लोगों से वो दवाएं मांगते हैं जो अब...

UAE में भारतीय व्यापारी साजी चेरियन ने अपने मुस्लिम कर्मचारियों के लिए मस्जिद बनवा कर दी।

UAE के धनी प्रवासी उद्द्योगपति साजी चेरियन एक ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन हैं 49 साल के साजी चेरियन केरल के कायमकुलम से हैं, साजी चेरियन ने अपने मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यूएई...

डोंगरी के बाल सुधार गृह से निकला बच्चा नीदरलैंड में बना पुलिस कमिश्नर।

जमील मुसेन, जी हाँ यही नाम है आज से 44 साला पहले उस डोंगरी बाल सुधार गृह से निकले बच्चे का, 1974 की बात है जब जमील जब 4 साल...

ग्रेजुएशन की डिग्री माँ – बाप को समर्पित करने का दिल छूने वाला तरीक़ा।

"माँ सर का ताज है इसलिए कनवोकेशन कैप उनके लिए और अब्बा ने मुझे पढ़ाने लिखाने के लिए खेतों में बहुत मेहनत की है पसीना बहाया है इसलिए कनवोकेशन गाउन...
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