‘गोदी मीडिया’ ये शब्द और इसका अर्थ सभी अच्छी तरह से जान गए हैं, स्क्रिप्टेड और प्रायोजित ख़बरें, झूठे और मनघडंत आंकड़े पेश करने वाले और सरकार के माउथ पीस बने कई न्यूज़ चैनल्स इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, और इसके कई उदाहरण आये दिन देखने को मिलते हैं, तीन दिन पहले आजतक न्यूज़ चैनल के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे थे, उसके बाद News – 18 के पत्रकार को पीटा गए, उसके बाद कल पटना में एक टॉक शो के दौरान रिपब्लिक चैनल की टीम के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

अब इसी कड़ी में ऐसी ही हरकत के चलते ABP न्यूज़ चैनल के एक ‘फिक्स टॉक शो’ को लेकर बवाल खड़ा हो गया है, और सच सामने आने के बाद और बढ़ते बवाल के चलते ABP न्यूज़ ने अपनी वेब साइट से उस टॉक शो का वीडियो ही हटा लिया है।

ABP न्यूज़ ने 2 मार्च को IIT बॉम्बे के कैंपस से ‘2019 के जोशीले’ के नाम से एक टॉक शो प्रसारित करते हुए दावा किया कि IIT बॉम्बे के छात्र-छात्राएं नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं, ‘IIT-Bombay Supports Modi’. इस शो की एंकरिंग सुमित अवस्थी ने की थी।

DOOL NEWS ने सबसे पहले 5 मार्च को प्रकाशित अपने खुलासे में इस फ़र्ज़ी टॉक शो का भांडा फोड़ किया है।

ABP न्यूज़ ने 3 मार्च को सुबह 10 बजे एक टॉक शो प्रसारित किया था जिसे नाम दिया गया था ‘IIT-Bombay Supports Modi’, IIT बॉम्बे कैंपस में आयोजित इस टॉक शो का प्रसारण 2 मार्च को शाम 4 से 5 बजे के बीच ‘2019 के जोशीले’ के टाइटल के साथ किया गया था।

वहीँ The Wire ने भी 6 मार्च को इस फ़र्ज़ी टॉक शो के बारे में  खबर प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि आईआईटी बॉम्बे के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें कॉलेज की ईमेल आईडी पर एक मेल मिला था जिसमें बताया गया था कि ABP न्यूज़ द्वारा कैंपस में आगामी लोकसभा चुनावों पर चर्चा करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थी अपनी इच्छा के अनुसार भाग ले सकते हैं, IIT बॉम्बे के छात्रों ने बताया कि जब वे इस कार्यक्रम में पहुंचे, तब यहां पहले से आई भीड़ में कई नए चेहरे दिखे।

इस टॉक शो में भाग लेने वाले एक छात्र ने बताया, ‘हमें संदेह हुआ जब अचानक इस टॉक शो में कई नए चेहरे दिखाई दिए, और फिर उसपर ये सभी अनजान प्रतिभागी मोदी सरकार के समर्थन में बोले, ABP न्यूज़ के इस टॉक शो के फर्ज़ीवाड़े को सबसे पहले IIT बॉम्बे के आंबेडकर पेरियार फुले सर्किल (APPSC) ने पकड़ा था और इस मुद्दे को फेसबुक पोस्ट के ज़रिये उठाया था।

APPSC statement on mis-representation of IIT Bombay students by ABP NewsABP news, a major Hindi national television…

Posted by APPSC IIT Bombay on Monday, March 4, 2019

IIT बॉम्बे के छात्रों ने 50 प्रतिभागियों में से 11 ऐसे बहरी लोगों की पहचान कर ली है, जो इस कॉलेज के नहीं हैं, इनमें से एक व्यक्ति अनिल यादव तो हिंदू युवा वाहिनी का सदस्य निकला है।

 

The Wire के अनुसार इस टॉक शो में भाग लेने वाले एक IIT बॉम्बे के ही एक स्टूडेंट ने बताया कि सवाल करने के लिए बार बार माइक मांगने के बावजूद आयोजकों ने उन्हें बोलने नहीं दिया, वहीँ केमिकल इंजीनियरिंग के एक रिसर्च स्कॉलर ने बताया, ‘आयोजक अपने लोगों के साथ आये थे और उन्हें आगे की सीटों पर बैठाया गया था, टॉक शो के एंकर केवल आगे बैठे उन तक ही चलकर जाते और केवल आगे बैठे चुनिंदा लोगों को ही पैनलिस्ट से सवाल करने देते थे।

इस कार्यक्रम के दौरान पहला सवाल एक अनिल यादव नाम के शख्स द्वारा पूछा गया, अनिल ने प्रियंका चतुर्वेदी से 1971 के भारत-पाक युद्ध के बारे में पूछा, साथ ही यह सवाल भी किया कि कांग्रेस सरबजीत सिंह को भारत क्यों नहीं ला पायी जिन्हें 1990 में 14 पाकिस्तानी नागरिकों को बम विस्फोट में मारने के आरोप में सजा-ए-मौत दी गयी थी ?

कांग्रेसी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी से ये सवाल पूछने वाला अनिल IIT बॉम्बे का छात्र ही नहीं हैं. उसकी फेसबुक आईडी के अनुसार वो हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता हैं।

आज IIT मुम्बई से "2019 के जोशीले" ABP News LIVE डिबेट में भाग लेते हुए !! #2019kejoshile #abpnews

Posted by Anil Yadav on Saturday, March 2, 2019

द वायर के अनुसार IIT बॉम्बे की प्रवक्ता फाल्गुनी बनर्जी नाहा से IIT बॉम्बे के कैंपस में ABP न्यूज़ द्वारा IIT आयोजित इस फिक्स टॉक शो और उसमें बहरी लोगों के भाग लेने पर हैरानी ज़ाहिर की, और कहा कि जो चैनल द्वारा लिखा गया वो भ्रामक है। ये चैनल ऐसा दावा कैसे कर सकते हैं कि ‘IIT बॉम्बे मोदी के साथ है’ ?

द वायर के अनुसार उन्होंने इस सम्बन्ध में ABP न्यूज़ के सम्बंधित अधिकारीयों से बात करने की कोशिश की, ईमेल और मैसेज किये मगर उधर से कोई जवाब नहीं गया है।

सूचना क्रांति के इस दौर में कोई भी परोसा हुआ झूठ ज़्यादा देर तक ठहर नहीं पाता, सच सामने आकर ही रहता है, अब देश की जनता देश के किस न्यूज़ चैनल पर क्यों, किसलिए और कितना भरोसा करे? गोदी मीडिया के नैतिक पतन के इस दौर में किसी भी खबर की सत्यता की जाँच के लिए अब जनता विदेशी मीडिया की ओर देखने लगी है, और इन सबके लिए यही बिकाऊ गोदी मीडिया ज़िम्मेदार है।