भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों के लिए RSS को खतरा बताते हुए अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने की मोहन भागवत की घोषणा भारत के लिए बेहद खतरनाक साबित होगी। उन्होंने कहा कि RSS के नेताओं द्वारा दिए गए बयान देश के हित में नहीं हैं।

Times Now News की खबर के अनुसार 10 अक्टूबर को श्री आनंदपुर साहिब में एक सिख सम्मेलन को संबोधित करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों, भाषाओं, आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों बड़े समुदाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने की घोषणा देश के लिए बेहद खतरनाक साबित होगी।

यहां यह उल्लेखनीय है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने दशहरा भाषण में भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए RSS के रुख को दोहराया है। नरेंद्र मोदी सरकार को RSS के समर्थन पर, अकाल तख्त प्रमुख ने कहा, “यह देश के हित में नहीं है, यह देश के धर्म निरपेक्ष ताने बाने को चोट पहुंचाएगा और इसे नष्ट कर देगा।

“अगर RSS गुरु नानक देव जी की जयंती मनाता है तो हमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन उन्हें सिख आचार संहिता के तहत इसे मनाना चाहिए और सिख धर्म के किसी भी नियम या अनुष्ठान का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। ”

हालांकि उन्होंने भाजपा सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) को RSS के समर्थन की संभावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।