उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिंदू महासभा के एक नेता द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर और उनके पति के खिलाफ सोशल मीडिया पर जम्मू और कश्मीर मामले में आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने पर FIR दर्ज की है।

The Hindu के अनुसार पुलिस का कहना है कि सितंबर की शुरुआत में एक सोशल मीडिया पोस्ट में मॉस कम्युनिकेशन विभाग की सहायक प्रोफेसर हुमा परवीन ने जम्मू-कश्मीर में संचार नेटवर्क में व्यवधान का उल्लेख किया था, जिसकी विशेष संवैधानिक स्थिति को एक महीने पहले रद्द कर दिया गया था, जिसका संचार अभी तक सामान्य नहीं हैं।

सहायक प्रोफेसर हुमा परवीन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के चंद्र मिशन के 7 सितंबर को चंद्र लैंडर विक्रम के साथ संपर्क खो जाने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि “सच में संपर्क टूट जाना कितना खतरनाक और दुखद होता है, चाहे चंद्रयान हो या कश्मीर।”

हुमा परवीन के पति नईम शौकत कश्मीर घाटी में पत्रकार हैं।

हिंदू महासभा के नेता आलोक पांडे ने 14 नवंबर को गांधी पार्क पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि हुमा परवीन “कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग” नहीं मानती हैं। इसके चलते हुमा परवीन के खिलाफ IPC की धरा 153A (शत्रुता को बढ़ावा देने), और 505 (2) (सार्वजनिक दुराचार) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

ख़बरों के अनुसार इन्ही धाराओं के तहत हुमा परवीन के पति नईम शौकत को भी बुक किया गया है । शिकायतकर्ता के अनुसार, पत्रकार ने कथित तौर पर एक पोस्ट साझा की जिसमें लिखा था: “शौचालय आपके दिमाग में है और कश्मीर मुठभेड़ का मैदान है।”

FIR में हुमा परवीन की एक अन्य पोस्ट में महात्मा गांधी के उद्धरण का ज़िक्र भी है, जिसमें कहा गया है कि : “आप मुझे जंजीर दे सकते हैं, आप मुझे यातना दे सकते हैं, आप मेरे शरीर को भी नष्ट कर सकते हैं लेकिन आप कभी भी मेरे दिमाग को कैद नहीं कर सकते।”

परवीन ने इस मामले पर हैरान होते हुए कहा कि उन्होंने दूसरों द्वारा लिखी गई कुछ पोस्ट ही शेयर की हैं। उन्होंने मीडिया को बताया, “मैं घाटी में बंद के दौरान अपने पति से संपर्क करने में सक्षम नहीं थी, मेरी एक छोटी बेटी है और मेरे परिवार के साथ संपर्क टूटने से मेरी भावनाओं को शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता है।”

इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने कहा कि विस्तृत पूछताछ के बाद आरोप पत्र दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपों को शिकायत के साथ संलग्न पदों के स्क्रीनशॉट के आधार पर दर्ज किया गया था।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शफी किदवई ने कहा कि यदि चार्जशीट दायर की जाती है तो यूनिवर्सिटी इस मामले में दखल देगी। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर हुमा परवीन की पोस्ट्स जांच के लिए खुली हैं और ये आपत्तिजनक हैं या नहीं ये पुलिस तय करेगी।