कुछ दिन पहले IIT मद्रास में पढ़ रहे एक जर्मन छात्र जेकब लिन्डेन्था को CAA विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने के बाद भारत सरकार ने देश छोड़ने का आदेश दिया था, अब उसी CAA विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने के बाद नार्वे की 74 वर्षीया पर्यटक जेन मेट जॉनसन नामक महिला को देश छोड़ने के आदेश दिए हैं।

The Telegraph की खबर के अनुसार नार्वे की बुज़ुर्ग पर्यटक जेन मेट जॉनसन ने 23 दिसंबर को कोच्चि में CAA विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुई थी। अपनी facebook post में 23 दिसंबर को जेन मेट जॉनसन ने NRC और CAA के खिलाफ हैशटेग के साथ प्रदर्शन में भाग लेने की बात कही थी।

जोहानसन ने लिखा था कि “आज दोपहर मैंने एक प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया, प्रोटेस्ट मार्च एर्नाकुलम के गांधी सर्किल से शुरू हुआ और वास्को डी गामा स्क्वायर कोचीन तक गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस का बर्ताव सहयोगात्मक रहा। ”

केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले विभाग ‘विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय’ (FRRO) के अधिकारी अनूप कृष्णन ने बताया कि “हमारी जांच में पाया गया कि जेन मेट जॉनसन ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है और इसलिए उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा गया।”

बाद में जेन मेट जॉनसन ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “FRRO के अधिकारियों ने उनसे तत्काल देश छोड़ कर जाने के निर्देश दिए हैं। उसने लिखा कि ”मुझे तत्काल देश छोड़कर जाने के लिए कहा गया है, ऐसा न करने पर मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा गया।”


जेन मेट जॉनसन का दावा था कि उस प्रदर्शन में भाग के लिए उन्होंने नज़दीकी पुलिस स्टेशन में जाकर अनुमति भी ली थी।

उन्होंने अपनी आखरी फेसबुक पोस्ट में सुन्दर देश भारत में और फेसबुक पोस्ट न करने की मजबूरी के साथ अपने शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए भारत छोड़ने की सूचना दी थी।