मिलिए MBA किये हुए ख्वाजा मोइनुद्दीन से, जो मल्टी नेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर हर महीने 1200 अनाथ बच्चों को खाना खिलाते हैं।

मिलिए MBA किये हुए ख्वाजा मोइनुद्दीन से, जो मल्टी नेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर हर महीने 1200 अनाथ बच्चों को खाना खिलाते हैं।
2 0
Read Time4 Minute, 29 Second

हाथों में खाने के थाल लिए झुके हुए अनाथ बच्चों को खाना खिलाते हुए जब भी लोग उन्हें देखते हैं तो उनके चेहरे पर एक गर्वीली मुस्कान होती है, वो शख्स हैं हैदराबाद के 39 वर्षीय MBA किये हुए ख्वाजा मोइनुद्दीन, जिन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी की आकर्षक पैकेज वाली नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी कि वो ‘भूख मुक्त भारत’ की कल्पना को साकार करना चाहते थे, वो चाहते थे कि कोई भी अनाथ भूखा न सोये।

यह सब 2017 में शुरू हुआ जब मोइनुद्दीन ने अपने दो अन्य दोस्तों, श्रीनाथ रेड्डी और भगत रेड्डी के साथ मिलकर एक खान-पान आधारित YouTube चैनल शुरू करने का फैसला किया जिसका नाम था ‘Nawab’s Kitchen Food For All Orphans’, इस चैनल के दस लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, इस चैनल पर मोइनुद्दीन को वीडियो में खाना बनाते हुए देखा जा सकता है, श्रीनाथ और भगत पर्दे के पीछे काम करते हैं और अपने दर्शकों के लिए इसे एक साथ लाने के लिए काम करते हैं।

हालाँकि उन्होंने शुरुआत में अनाथ स्ट्रीट किड्स को खिलाने की योजना बनाई थी, लेकिन उनकी पहल की जोरदार सफलता ने उन्हें अपने कार्य क्षेत्र को बड़ा करने और बाक़ी उन दूसरों की मदद करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें उनकी सेवाओं की आवश्यकता थी। कुछ इसी तरह ख्वाजा मोईनुद्दीन का अपनी अनूठी मुहीम का छोटे बच्चों के साथ सफर शुरू हुआ।

हालात कभी एक जैसे नहीं रहते एक वक़्त ऐसा आया कि जब YouTube चैनल लगभग बंद हो गया, पैसों और संसाधनों की कमी ने तीन दोस्तों को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किए गए इस चैनल को बंद करने के लिए लगभग मजबूर से हो गए थे, लेकिन एक दिन जब एक सब्सक्राइबर ने उनके आगामी वीडियो के बारे में पूछताछ की तो मोईनुद्दीन की टीम ने अपनी परेशानियां बताईं तब उस सब्सक्राइबर ने उन्हें सुझाव दिया कि इस बेहतरीन मुहीम के लिए वो लोग क्यों न क्राउड फंडिंग में अपने हाथ आजमाएं।

उस सब्सक्राइबर की बात उन्हें अँधेरे में रौशनी की किरण की तरह लगी और उनकी टीम ने इसे आज़माने का फैसला कर लिया।

मोइनुद्दीन और उनके दोस्तों ने महज 5,000 रुपये खर्च कर बच्चों के लिए भोजन पकाने का आखरी वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने अपने सब्सक्राइबर्स से उनकी मुहीम ‘भूख मुक्त भारत’ को समर्थन देने और दान देने का आग्रह किया, कुछ ही घंटों में 18 सब्सक्राइबर्स ने उन्हें हर तरह से मदद करने की पेशकश की। उस दिन के बाद ख्वाजा मोईनुद्दीन की टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

भूखे अनाथ बच्चों और लोगों के चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान ही मोईनुद्दीन और उनकी टीम का मेहनताना है, एक अच्छी तनख्वाह, उम्दा नौकरी को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने समाज में बदलाव का निर्णय लिया और उनकी प्रतिबद्धता का नतीजा सामने है।

ख्वाजा मोइनुद्दीन, श्रीनाथ रेड्डी और भगत रेड्डी जैसे लोग मानवीयता की मुहीम के लिए जुनून की हद तक जाते हैं और अपने विचारों को ज़मीनी हकीकत में बदलते हैं, ऐसे ही लोग समाज में बड़े परिवर्तन लाते हैं और लाखों लोगों को इसी तरह से अपने नक्शेकदम पर चलने लिए प्रेरित करते हैं।

[स्टोरी साभार : mensxp ]

Happy
Happy
100 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *