युवक की मौत की खबर के बाद कश्मीर में झड़पें और तनाव, सेना के अनुसार पिछले 30 दिनों में कुल 5 लोगों की मौत हुई।

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एक 18 वर्षीय कश्मीरी नौजवान असरार खान की मौत की आधिकारिक खबर बाहर आने के बाद बुधवार को कश्मीर में फिर से झड़पें और तनाव बढ़ गया है, The Independent UK की खबर के अनुसार इस खबर के बाद लोग विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर निकल आये और पत्थरबाज़ी की।

असरार खान के परिवार का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने 6 अगस्त को असरार के सर में गोली मारी थी, असरार खान के पिता फिरदौस अहमद ने आरोप लगाया कि भारतीय सेनाओं ने उनके बेटे को बिना उकसावे के निशाना बनाया।

“असरार 6 अगस्त की शाम को सामुदायिक पार्क में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था, तब सुरक्षा बलों ने उसे पैलेट गन से निशाना बनाया,” श्री अहमद ने अपने घर से द इंडिपेंडेंट को बताया , ये बताते हुए उनकी आँखों से आंसू बह निकले।

The Independent को उपलब्ध कराये मेडिकल रिकॉर्ड और एक्स-रे स्कैन से पता चलता है कि असरार खान की चेहरे और खोपड़ी पर पैलेट्स के कई ज़ख्म थे, जिसमें उसकी बायीं आँख भी थी।

नाम न बताने की शर्त पर असरार खान के दोस्तों के बताया कि घायल असरार खान को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (Skims) अस्पताल ले गए, उन्होंने कहा कि असरार खान को पैलेट्स के छर्रे लगने के बाद उसके सिर और मुंह से काफी खून बह रहा था।

इस मामले पर वहां के पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि असरार खान प्रदर्शनकारियों द्वारा फेंके गए “पत्थर से मारा गया” था। इस पर असरार खान 6 अगस्त को अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही मिनटों बाद ली गई असरार खान की एक तस्वीर में पेलेट के छर्रों के ज़ख्म दिखाते हुए कहते हैं कि “यह रहे प्रमाण, सुरक्षा बल इसे एक पत्थर कह रहे हैं, लेकिन ये पेलेट गन के छर्रों के निशान हैं।”

पिछले 30 दिनों में 5 मौतें : सेना –

The Guardian की खबर के अनुसार बुधवार को सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछले 30 दिनों में पांच नागरिकों की मौत हुई है और ” ये मौतें आतंकवादियों, पत्थरबाजों और पाकिस्तान की कठपुतलियों की वजह से हुई हैं”। कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने ही बुधवार को लगभग एक महीने पहले एक विरोध प्रदर्शन के दौरान 18 साल के असरार अहमद खान की मौत की पुष्टि की थी।

यह स्पष्ट नहीं है कि असरार खान की मौत के अलावा बाक़ी चार अन्य मौतें किन परिस्थितियों में हुईं। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में नागरिकों की मौत का आरोप लगाया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि अशांति के कारण एक महिला की मौत हो गई थी, उस समय भी अधिकारियों ने इनकार कर दिया था।

कश्मीर में पिछले तीस दिनों में हुई पांच आधिकारिक मौतें 1 सितम्बर को गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को भी गलत ठहराती हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि : “370 हटने के बाद कश्मीर में सम्पूर्ण शांति है, धारा 370 हटने के बाद वहां एक भी गोली चलाने की जरूरत नहीं है, न ही एक भी आंसू गैस छोड़ा गया है और न ही किसी की जान गई है।”

जैसे ही असरार खान की मौत की खबर फैली, लोगों ने श्रीनगर और कश्मीर के अन्य हिस्सों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और उसे रोकने आये सशस्त्र बलों पर पत्थरबाज़ी की।

इसके बाद असरार खान के घर तक जाने वाली श्रीनगर की सड़कें अब कंटीले तारों और बैरिकेड्स से अवरुद्ध कर दी गई हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहाकि ‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर श्रीनगर में प्रतिबंध लगाए गए हैं। अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। ”

फोटो साभार : रायटर.

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