अभी 31 दिसंबर 2018 की ही बात है जयपुर में सपरिवार एक होटल में कुछ खाने पीने के बाद जब वेटर बिल लेकर आया तो मैंने उससे कहा कि कार्ड पेमेंट करेंगे, मशीन ले आओ, वो काउंटर से मशीन ले आया मैंने उसे कार्ड दे दिया, वो हमारी टेबल के पास ही खड़े होकर कार्ड को स्वाइप करने की कोशिश करने लगा, तभी अचानक से बिल निकल आया, मैं सब देख रहा था, मैंने उससे कहा कि ये कैसे हुआ, तुमने अभी कार्ड पूरा स्वाइप भी नहीं किया और मैंने कार्ड का पिन भी नहीं डाला तो ये बिल कैसे निकल आया ?

वो घबरा गया शायद उसके साथ ये पहली बार हुआ था, मैं उसे लेकर होटल के मैनेजर के पास गया और उससे कहा कि ये सब क्या है ? मेरे पिन डाले बिना और कार्ड पूरा स्वाइप किये बिना ये बिल कैसे प्रिंट होकर निकल आया ? मैनेजर ने कहा कि सर आप अपना कार्ड दिखाइए, मैंने अपना कार्ड उसे दिखाया तो उसने कहा कि आपका ये कार्ड स्मार्ट चिप लगा ‘कॉन्टेक्ट लेस स्मार्ट कार्ड’ है, और इसे स्मार्ट POS मशीन (कार्ड स्वाइप मशीन) में स्वाइप करने के बजाय केवल टच ही करना पड़ता है, और किसी तरह के PIN या OTP की ज़रुरत नहीं होती।

मैं ये सुनकर हैरान रह गया, मैंने कहा कि ये तो बहुत रिस्की बात है कि मेरे ही कार्ड से पिन डाले बिना या बिना OTP के ही कोई पेमेंट हो जाए, तब उस मैनेजर ने बताया कि सर इस कॉन्टेक्ट लेस स्मार्ट क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए POS (कार्ड स्वाइप मशीन) मशीन भी स्मार्ट होती है, ये वेटर आपक बताना भूल गया था कि ये POS मशीन भी स्मार्ट है, मगर इसमें एक सीमा है वो ये कि एक जगह से एक ही बार में केवल 2000 /- रु. तक का पेमेंट हो सकता है, इसे ज़्यादा का नहीं।

खैर ये सुनकर थोड़ी तसल्ली हुई कि इस कॉन्टेक्ट लेस ट्रांसक्शन की सीमा RBI ने 2000 /- रु. तक सीमित की हुई है, घर पर आकर इस बारे में पढ़ा तो सब समझ आया, मगर फिर भी भारत जैसे देश में जहाँ तकनीक का गलत इस्तेमाल होने में देर नहीं लगती मुझे ये कॉन्टेक्ट लेस पेमेंट की सुविधा या दुविधा अच्छी नहीं लगी।

जिस देश की जनता की साक्षरता दर 2011 की जनगणना के अनुसार 75.06 % हो, डिजिटल साक्षरता की दर लगभग 20 % हो और डिजिटल लेन देन करने वालों का प्रतिशत 10 % हो, जहाँ आये दिन डिजिटल फ्रॉड्स हो रहे हों, लोगों के ATM कार्ड्स के पिन फ़ोन करके आसानी से लिए जा रहे हों, बैंकों से पैसे निकाले जा रहे हों वहां बैंकों ने अपने ग्राहकों को इस तरह के स्मार्ट डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स और थोप दिए हैं, इन स्मार्ट कार्ड्स से अब बिना स्वाइप किये और बिना पिन डाले डिजिटल लेन देन होने लगा है।

साल 2018 में ही इसी कॉन्टेक्ट लेस POS मशीन (कार्ड स्वाइप मशीन) से पेमेंट लेने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें एक आदमी POS मशीन लेकर एक आदमी की पिछली जेब में रखे बटुवे के अंदर वाले स्मार्ट कार्ड से पेमेंट लेता नज़र आता है, और उस कार्ड के मालिक को इसका पता ही नहीं चलता। अब ये भारत में भी संभव हो सकता है।

इसी कॉन्टैक्टलेस ट्रांसक्शन के चलते पिछले दिनों महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो टवीट किया था  (जो कि सोशल मीडिया पर पहले भी वायरल हो चुका है) जिसमें एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के पीछे की जेब में रखे कॉन्टैक्टलेस स्मार्ट कार्ड पर चुपके से मशीन टच कर रहा था और पेमेंट लेकर दिखा रहा था। महिंद्रा ने लिखा था ‘क्या ऐसा संभव है? यह डराने वाला है।’

ट्वीट के जवाब में वीज़ा साउथ एशिया के कंट्री हेड टीआर रामचंद्रन ने लिखा, ‘ऐसा नहीं हो सकता। ऐसी ट्रिक करने वाले को सजा हो सकती है।

मगर वीज़ा साउथ एशिया के कंट्री हेड टीआर रामचंद्रन ने ये तो बता दिया कि ऐसी ट्रिक करने वाले को सजा हो सकती है, मगर ये नहीं बताया कि ऐसा हो सकता है,  VISA  की आधिकारिक वेब साइट पर इस तकनीकी पॉइंट को बताया गया है कि कांटेक्ट लेस पेमेंट के लिए केवल स्मार्ट क्रेडिट/डेबिट कार्ड से 4 c.m. की दूरी से स्मार्ट POS मशीन से पेमेंट हो सकता है, यानी कोई भी आदमी आपकी जेब में रखे स्मार्ट कॉन्टैक्टलेस कार्ड से स्मार्ट POS मशीन (कार्ड स्वाइप मशीन) लेकर करीब 4 सेंटीमीटर की दूरी पर रखकर 2000 /- रूपये का ट्रांसक्शन आपकी जानकारी के बिना कर सकता है, आपको जब तक पता चले वो गायब हो चुका होगा।

सबसे बड़ी बात ये है कि आप इस तरह के ट्रांसक्शन के लिए दीवारों पर सर ही मार सकते हैं, अपने कार्ड को लोहे का खोल तो पहना नहीं सकते, दूसरी बात कि इसके दावे और शिकायतों के लिए अभी शायदे नियम भी नहीं बने हैं, बैंक्स अपने तौर पर ग्राहकों को केवल विश्वास ही दिला रहे हैं, भारत जैसे देश में ये कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स और स्मार्ट POS मशीने आने वाले दिनों में साइबर क्राइम्स को बढ़ावा ही देंगी।

कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट/डेबिट स्मार्ट कार्ड के इस पेमेंट सिस्टम का फायदा साइबर ठग दूसरे तरीके से भी उठाने लगे हैं, इंटरनेट पर कई घटनाएं और वीडियोज़ मौजूद हैं जो ये बताते हैं कि स्मार्ट फ़ोन में स्मार्ट POS मशीन से मिलते जुलते सॉफ्टवेयर इंसटाल कर लोग उस फ़ोन से किसी के भी पर्स या बटुवे से इस कांटेक्ट लेस क्रेडिट/डेबिट स्मार्ट कार्ड की ख़ुफ़िया जानकारियां उड़ाने लगे हैं।

इसलिए अगर आपके पास इस तरह का कांटेक्ट लेस क्रेडिट या डेबिट कार्ड है और कहीं शॉपिंग मॉल या भीड़ भाड़ वाले बाजार में कोई POS (कार्ड स्वाइप मशीन) लेकर आस पास घूमता नज़र आये तो अपना बटुवा पिछली जेब से निकाल कर हाथ में ले लें, पता नहीं कब कौन किसका बिल आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड से चुकता कर निकल ले।