देश में मॉब लिंचिंग के मामले सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद भी नहीं रुक रहे हैं, कल 20 अक्टूबर को बिहार के जगदीशपुर थानांतर्गत मनमौथाचक गांव में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने एक मज़दूर अफसर अंसारी (36) की पीट पीटकर हत्या कर डाली।

UNI के अनुसार अफसर अंसारी एक दिहाड़ी मज़दूर था, शनिवार को जब वो अपने घर लौट रहा था तो रास्ते में कुछ लोगों ने उसे बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। बाद में इकठ्ठी हुई भीड़ ने उसपर बच्चा चोरी का आरोप लगाकर उसकी लाठी डंडों से पिटाई शुरू कर दी, पिटाई से जब वो अधमरा हो गया तो भीड़ ने उसे नज़दीकी तालाब में फेंक दिया, नतीजतन गंभीर रूप से घायल अफसर अंसारी की मौत हो गयी।

इस खबर से इलाक़े में हड़कंप मच गया और तनाव फ़ैल गया, घटना की सूचना मिलने पर SP City एस.के. सरोज व डीएसपी Law & Order निसार अहमद भी पहुंचे और मामले की छानबीन की, खबर है कि भीड़ ने अफसर अंसारी का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से भी रोक दिया था, बाद में पुलिस द्वारा समझाइश करने पर मामला शांत हुआ।

अफसर अंसारी की हत्या के बाद उसकी मां और बीवी इमराना समेत अन्य परिजन बदहवास थे। पोस्टमार्टम हाउस में इमराना बार-बार अपने बेटे को याद कर फफक पड़ती थीं। उसकी मां ने बताया कि अफसार घर में एकलौता कमाने वाला था। अफसर अंसारी की को तीन बेटियां है और सभी ससुराल में ही रहते हैं, गांव में मां और तीन बहन रहती है, छोटा भाई मुंबई में काम करता है, अफसर अंसारी समय मिलने पर अपने घर आता था।