30 जनवरी 2017 को कनाडा के क्यूबैक शहर की एक मस्जिद में अंधाधुंध फायरिंग कर 6 लोगों को मौत की घाट उतारने वाले 29 वर्षीय अलेक्सांद्रे बिस्सोन्नेट्टे को वहां की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

The Guardian के अनुसार अलेक्सांद्रे बिस्सोन्नेट्टे जिसने क्यूबैक शहर की ग्रैंड मस्जिद (जिसे क्यूबैक सिटी इस्लामिक कल्चरल सेंटर के नाम से भी जाना जाता है) में 30 जनवरी 2017 को अपने एक साथी के साथ घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी जिससे 6 लोगों की मौत हो गयी थी और 18 घायल हुए थे। जब ये फायरिंग की गयी थी तो उस मस्जिद में 50 से ज़्यादा लोग मौजूद थे।

 

बिस्सोन्नेट्टे ने मस्जिद में 48 गोलियां चलाईं थी, कनाडा के इतिहास में ये बड़ा हत्याकांड था, अलेक्सांद्रे बिस्सोन्नेट्टे को पहला पेरोल 35 साल बाद ही मिल पायेगा। कनाडा में मौत की सजा 1976 में ही ख़त्म कर दी गयी थी।

जब ये घटना होती थी तो कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसे ‘आतंकी हमला’ कहा था, जिसे लेकर कनाडा में बहस छिड़ गयी थी और कनाडा के दक्षिणपंथियों ने आपत्ति जताई थी, कनाडा की सरकार शरणार्थियों को शरण देने को लेकर दक्षिणपंथियों के निशाने पर रही है।

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