अरब देशों में रमज़ान का इस्तिक़बाल धूमधाम से किया किया जाता है, और इसमें एक अहम् बात ये होती है कि वहां रोज़ेदारों के लिए जगह जगह फ्रिज रखे जाते हैं जहाँ ज़रूरतमंद लोग बिना किसी खर्चे या पेमेण्ट के इफ्तार या सहरी के लिए चीज़ें ले सकते हैं, अरब देशों में इसकी शुरुआत रमज़ान से दस पंद्रह दिन पहले से ही शुरू कर दी जाती है।

इस मुहीम के लिए वहां का प्रशासन, कम्पनियाँ और लोग स्थान चिन्हित करते हैं, और उन स्थानों पर ये मुफ्त फ्रिज लगाए जाते हैं, सोशल मीडिया पर भी इस बाबत केम्पेन चलाया जाता है, और रमजान शुरू होने से पहले ही इन फ्रिजों में पानी, ब्रेड, डेरी प्रोडक्ट्स वगैरह रख दिए जाते हैं।

इसके साथ ही केम्पेन चलाकर इन फ्रिजों के लिए लोगों से योगदान देने का आग्रह भी किया जाता है, वैसे भी वहां लोग स्वप्रेरित होकर इफ्तार और सहरी के लिए खाने पीने की चीज़ें अपने घरों से लेजाकर रखते हैं, मगर इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और कम्पनिया इसमें मुख्य रूप से सहयोग करती हैं।

अरब देशों में क्योंकि दुनिया भर से हर श्रेणी के लोग रोज़गाड़ धंधे के लिए पहुंचे हुए हैं, ऐसे में किसी को रमजान में किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए ये ‘रमजान शेयरिंग फ्रिज’ एक बेहतरीन मिसाल है।

दुबई, सऊदी अरब, यूएई, क़तर, मस्कत हर जगह रमजान में तयशुदा पॉइंट्स पर इस तरह के फ्रिज रखे मिल जायेंगे, सोशल मीडिया पर तो इनके लिए मेप और नेविगेशन के ज़रिये पहुँचने के भी इंतेज़ाम किये जाते हैं।

दुबई म्युनिसिपल असिस्टेंट डायरेक्टर मोहम्मद मुबारक अल मुतावी के अनुसार दुबई म्युनिसिपल और कम्युनिटी विभाग ने दुबई में 22 पॉइंट्स पर 30 रमजान फ्रिज इंसटाल किये हैं।

सऊदी अरब में इसकी शुरुआत तब हुई जब एक व्यक्ति ने रमजान में ज़रुरतमंदों के लिए अपने घर के बाहर एक फ्रिज रख दिया था, और अपने पड़ोसियों से भी इसमें अपने तौर पर चीज़ें रखने के लिए उत्साहित किया था, इस घटना पर वहां के एक इस्लामिक विद्वान शेख मोहम्मद अल अरेफे ने ट्वीट कर सहमति जताते हुए प्रशंसा की और लोगों से इस काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

शेख मोहम्मद अल अरेफे के तब 8.6 मिलियन फॉलोवर्स थे, और उनका ये ट्वीट 5000 बार रीट्वीट किया गया था। उनके इस ट्वीट के बाद सऊदी अरब में लोगों ने इस रमजान शेयरिंग फ्रिज मुहीम को आगे बढ़ाया।

अबू धाबी क़तर सहित कई और अरब देशों में इस तरह के रमजान शेयरिंग फ्रिज देखे जा सकते हैं, खास बात ये है कि कुछ देशों में इस तरह के फ्रिज लगाने के लिए स्वास्थय या बल्दिया विभाग से परमिट जारी किये जाते हैं, अरब देशों में खानपान और स्वास्थ्य सम्बन्धी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।