श्रीलंका के सेना प्रमुख को अपहरण और नर संहार के आरोप में हिरासत में लिया गया।

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श्रीलंका में लिट्टे के साथ सैन्य टकराव में तमिल अल्पसंख्यकों समेत 11 युवकों के अपहरण और लापता करने में शामिल रहने के आरोप में कोर्ट में श्रीलंका के सेना प्रमुख एडमिरल विजेगुनारत्ने को हिरासत में लिया गया है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के अनुसार इससे पहले 3 नवम्बर को कोलंबो मजिस्ट्रेट की अदालत ने श्रीलंका के सेना प्रमुख रवि विजेगुनारत्ने को गिरफ्तार करके अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था।

विजेगुनारत्ने के खिलाफ ये कार्रवाही तब हुई जब तमिल अल्पसंख्यकों के अपहरण और केस को कमज़ोर करने के लिए पुलिस जासूस रखने का खुलासा हुआ, विजेगुनारत्ने पर मामले के मुख्य संदिग्ध को सुरक्षा देने और सुरक्षित देश से बाहर भेजने का आरोप है।

लिट्टे के खिलाफ सैन्य संघर्ष के दौरान वर्ष 2008 से 2009 के बीच 11 युवक लापता हो गए थे। विजेगुनारत्ने पर युवकों को गायब करने के मामले में मुख्य संदिग्ध को सुरक्षा देने और उसे सुरक्षित देश से बाहर भेजने का आरोप है।

माना जाता है कि लापता लोगों की हत्या की जा चुकी है। वहीं लापता लोगों के परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे श्रीलंका प्रशासन, मुख्य रूप से सेना, नौसेना और पुलिस का हाथ है। फिलहाल इस मामले में कई नौसेना अधिकारी जमानत पर हैं।

न्यायधीश रांगा दस्सनायका ने कहा कि “मैं ज़मानत देने के आदेश से इनकार करता हूँ क्योंकि आप जिस पद पर हैं उससे आप गवाहों को धमका सकते हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं।”

इससे पहले सेना प्रमुख ने अदालत के सामने आत्म समर्पण करने से इनकार कर दिया था, बल्कि राष्ट्रपति के विशेष दूत की हैसियत से मेक्सिको की यात्रा भी की थी।

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