न्यूज़ीलैंड की मस्जिद में हुए आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के दुःख बाँटने के लिए पूरा न्यूज़ीलैंड उठ खड़ा हुआ है, और क्राउड फंडिंग के ज़रिये फण्ड रेजिंग के लिए न्यूज़ीलैंड की जनता के साथ विश्व से भी इन पीड़ितों की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं।

अल जज़ीरा की खबर के अनुसार न्यूज़ीलैंड की जनता ने क्राइस्टचर्च शूटिंग के पीड़ित परिवारों की मदद के लिए  GiveALittle ऑफिशियल पेज बनाया है, जहाँ 4 Mn NZL डॉलर्स से भी ज़्यादा यानि 28,81,288 USD डॉलर्स जो कि भारतीय मुद्रा में लगभग 20 करोड़ होते हैं, इकठ्ठे किये जा चुके हैं और ये आंकड़ा तेज़ी से बढ़ रहा है।

शनिवार को भारी ट्रैफिक की वजह से या मदद करने वालों की बड़ी संख्या के चलते GiveALittle साइट क्रेश हो गयी थी। जिसकी सूचना साइट ने अपने टवीटर हैंडल से दी थी।

वहीँ न्यूज़ीलैंड की जनता सोशल मीडिया पर देश में रह रहे मुसलमानों को हर संभव मदद के सन्देश दे रही है, एक फेसबुक पोस्ट वहां वायरल हो रही है जिसमें विलिंगटन निवासी Lianess Howard लिखती हैं कि यदि कोई मुस्लिम महिला असुरक्षित महसूस करती है तो वो उनसे संपर्क करे, वो उसकी हर संभव मदद करेंगी।

इसी के साथ न्यूज़ीलैंड का सिख समुदाय भी पीड़ितों की मदद का आग्रह करने पर मदद को आगे आया है, गुरु नानक फ्री किचन नामक एक सिख NGO ने पीड़ितों की मदद के लिए हर तरह की मदद की पेशकश की है, इसमें मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार से लेकर उन्हें क़ब्रिस्तान तक ले जाने और दफनाने में गुरुनानक फ्री किचन के स्वयं सेवक सहयोग करेंगे, इसकी सूचना इस NGO ने अपने टवीटर हैंडल से दी है।

न्यूज़ीलैंड की जनता और सरकार ने पीड़ितों के साथ खड़े होकर विश्व को एक सन्देश दिया है कि नफरत के लिए उनके देश, समाज और मन में कोई जगह नहीं है। इस दुःख की घडी में धर्म, जाति, रंग, देश, भाषा पहनावे जैसी सरहदों से परे मानवीय मदद करने और पीड़ितों का दुःख बाँटने वाले सभी लोगों के जज़्बों को दिल से सलाम।