2018 के फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल में अपने देश का मैच देखने के बाद हमेशा की तरह जापानी फेन्स ने अपने स्टैंड में साफ़ सफाई की थी, उनके इस काम की पूरी दुनिया तारीफ कर रही है, इसके पीछे जापानियों को दी जाने वाली बुनियादी परवरिश और तालीम का बड़ा हाथ है, ये चीज़ें इनकी संस्कृति में समाहित हो चुकी हैं, आइये जानते हैं जापान की कुछ खूबियों के बारे में :-

सबसे मेहनती देश जापान लगभग 6800 द्वीपों से मिलकर बना हैं इस देश का नाम कुछ भी नया करने में सबसे आगे रहता है. आइये जापान के बारे में रोचक तथ्य जानते हैं :-

1. जापानी अपने देश को ‘निप्पॉन’ कहते हैं, जिसका अर्थ है ‘उगते सूरज का देश’।

2. जापान में हर साल लगभग 1500 भूकम्प आते है मतलब कि हर दिन चारजापानी अपने देश को ‘निप्पॉन’ कहते हैं, जिसका अर्थ है ‘उगते सूरज का देश’।

3. कुत्ता पालने वाला प्रत्येक जापानी नागरिक उसे घुमाते समय अपने साथ एक विशेष बैग रखता है, जिसमें वह उसका मल एकत्रित कर लेता है।

4. जापान में स्वास्थ्य सेवायें काफी उन्नत हैं और अधिकांश सेवाएं जापानी नागरिकों को मुफ्त दी जाती हैं, यही कारण है क़ि जापान के लोगों की औसत आयु दुनिया में सबसे ज्यादा है (82 साल)

5. जापान के पास किसी प्रकार के प्राकृतिक संसाधन नहीं है और वे प्रतिवर्ष सैंकड़ों भूकंप भी झेलते हैं, किन्तु उसके बाद भी जापान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति हैं।

6. “सूमो” जापान का सबसे लोकप्रिय खेल है. इसके इलावा बेसबाल भी काफी लोकप्रिय हैं।

7. जापान में सबसे ज्यादा लोग पढ़े लिखे हैं, जहां साक्षरता दर 100% है. जहां अखबारों और न्यूज चैनलों में भारत की तरह दुर्घटना, राजनीति, वाद-विवाद, फिल्मी मसालो आदि पर खबरें नही छपती, यहां पर अखबारों में आधुनिक जानकारी और आवश्यक खबरें ही छपती हैं।

8. जापान में जो किताबें प्रकाशित होती हैं उन में से 20% कॉमिक बुक्स होती हैं।

9. जापान में 1 जनवरी को नववर्ष का स्वागत मंदिर में 108 घंटियाँ बजा कर किया जाता हैं।

10. जापानी समय के बहुत पक्के है यहां तो ट्रेने भी ज्यादा से ज्यादा 18 सैकेंड लेट होती है।

11. “Vending Machine” वह मशीन होती है जिसमें सिक्का डालने से कोई चीज आदि निकल आती है जैसे कि नूडल्स, अंडे, केले आदि. जब आप जापान में होंगे तो इन मशीनों को हर जगह पाएंगे. यह हर सड़क पर होती है. जापान में लगभग 55 लाख वेंडिंग मशीन हैं।

12. 2015 तक जापान में देर रात तक नाचना मना था।

13. काली बिल्ली को जापान में भाग्यशाली माना जाता है।

13. जापान में 90% मोबाइल्स वाटर प्रूफ हैं क्योंकि ये लोग नहाते समय भी फोन यूज करते हैं।

14. जापान में सबसे ज्यादा सड़कें ऐसी हैं जिनका कोई नाम नहीं है, बल्कि इन सड़कों को ब्लॉक नंबर्स दिए गए हैं।

15. जापानियों के पास “Sorry” कहने के 20 से ज्यादा तरीके हैं।

16. जापान दुनिया का सबसे बड़ा आॅटोमोबाइल निर्माता है।

17. साल 2011 में जापान में जो भूकंप आया था वो 9.0 रिक्टर स्केल का था और आज तक का सबसे तेज भूकंप था. इस भूकंप से पृथ्वी के “घूमने की गति” में 1.8 माइक्रो सेकण्ड्स की वृद्धि हुई थी।

18. जापान में साफ सफाई का काम करने वालों को अलग नाम से पुकारा जाता है, वो लोग उन्हें हेल्थ इंजीनियर कहते हैं, इनकी तनख्वाह अमरीकी डॉलर्स में 5000 से लेकर 8000 डालर तक होती है, और इन्हे इस नौकरी के लिए बाक़ायदा मुश्किल इम्तिहानात से गुज़ारना होता है !

19. जापान में गाड़ियों, रेस्टॉरेंट्स और बंद जगहों पर मोबाइल बिलकुल इस्तेमाल नहीं किया जाता, जापान में साइलेंट मोड़ पर लगे मोबाइल को एक ख़ास नाम दिया गया है जिसका मतलब ‘अख़लाक़ पर लगा हुआ’ होता है !

20. जापान में गाड़ियों ट्रेनों की औसत देरी 7 सेकण्ड्स तक ही होती है, दुनिया में जापानी वक़्त के सबसे बड़े क़द्रदान माने जाते हैं, वो लोग मिनटों और सेकंडों की क़ीमत बखूबी जानते हैं !

21. जापान दुनिया का अकेला देश है जिस पर “परमाणु बमों” का हमला हुआ है. जैसा कि आप जानते ही है कि अमेरिका ने 6 और 9 अगस्त 1945 में हिरोशिमा और नागाशाकी पर बम फेंके थे. इन बमों को little-boy और Fat-man नाम दिया गया था।

इन खूबियों के साथ ही जापानी शिक्षा प्रणाली भी दुनिया में आदर्श मानी जाती है, जापानी बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा प्रणाली और जापानी लोगों के अनुशासन, संस्कृति, नागरिक कर्तव्यों और अपने देश के प्रति उनके जज़्बे ही उनके देश को दुनिया में आदर्श देश बनाते हैं, आइये जानते हैं जापान की शिक्षा प्रणाली की कुछ ख़ास खूबियां :-

1. जापान में बच्चों को पहली क्लास से लेकर तीसरी तक एक ऐसा सब्जेक्ट भी पढ़ाते हैं जिसमें उन्हें दिनचर्या की गतिविधियों, लोगों से बर्ताव करने के तरीके, तहज़ीब, तमीज और दूसरों से कम्युनिकेशन के तरीके सिखाये जाते हैं।

2. जापान में बच्चों को पहली क्लास से लेकर तीसरी तक फेल नहीं किया जाता क्योंकि इस दौर की तालीम का मक़सद उनकी तरबियत और शख्सियत की तामीर करना होता है ना कि उन्हें परम्पगत शिक्षा देना।

3. जापानी आर्थिक दृष्टि से संपन्न होते हैं मगर उनके घर में काम काज के लिए नौकर नहीं होते, वो अपने दैनिक काम खुद ही निबटाते हैं।

4. जापानी बच्चे रोज़ 15 मिनट अपने टीचर्स के साथ मिलकर अपने स्कूल की साफ़ सफाई करते हैं, ये प्रतीकात्मक होता है इसकी वजह है जापानी बच्चों को साफ़ सफाई के प्रति संवेदनशील बनाना।

5. जापान में हर बच्चा स्कूल जाते वक़्त अपना टूथ ब्रश साथ लेकर जाता है, वहां लंच के बाद उनसे दांत साफ़ कराये जाते हैं, इस तरह की ट्रेनिंग से बच्चों की सेहत के प्रति तवज्जो बढ़ती है, और वो हमेशा इनके साथ रहती है, दुनिया में जापानी सबसे ज़्यादा हेल्थ कौन्सियस क़ौम है, और सबसे ज़्यादा औसत उम्र भी जापानियों की ही होती है।

6. जापान में स्कूलों में स्कूल्ज के टीचर्स बच्चों के लंच से आधे घंटे पहले दिए जाने वाले लंच को खाते हैं, इसका मतलब है कि अगर खाने की क्वालिटी में कोई कमी बेशी हो तो उन्हें पहले नज़र आये, या उनपर ही इसका असर हो बच्चों पर नहीं, जापानी अपने बच्चों को जापान का भविष्य कहते हैं और उनकी हिफाज़त के लिए हर चंद कोशिश करते हैं।

7. जापान के स्कूल्ज में बच्चों की अटैंडेंस रेट 99.99% है।

यही वजह है कि आज जापानी जहाँ भी जाते हैं अपने बर्ताव से एक छाप छोड़ जाते हैं, दुनिया के लिए जापान कई मामलों में आदर्श है।