पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के कोल माइनिंग प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग के चलते ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीटर पर अडानी कोल माइनिंग प्रोजेक्ट को रोकने की अपील की।

इस कोल माइनिंग प्रोजेक्ट को अडानी पावर ने जर्मनी की सीमेंस कंपनी के साथ मिलकर ऑस्‍ट्रेलिया के क्‍वींसलैंड के गालिले बेसिन में शुरू किया था। इस कोल माइनिंग प्रोजेक्ट की लगत लगभग 16.5 बिलियन डॉलर है।

The Week के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के जंगल में पिछले कुछ महीनों से भयंकर आग लगी हुई है, इस आग में सैकड़ों वर्ग किलोमीटर के जंगल जलकर भस्म हो गए हैं और लाखों पशु मारे गए हैं। हालाँकि ग्रेटा थनबर्ग ने ऑस्ट्रेलिया के जंगल में लगी आग के लिए सीधे अडानी कोल प्रोजेक्ट को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया है मगर उसका कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।

ग्रेटा थनबर्ग का तर्क है कि इस तरह के कोयला खनन से पर्यावरण को घातक हानि हो रही है। ग्रेटा थनबर्ग ने टवीटर पर अडानी की पार्टनर जर्मन कंपनी सीमेंस से इस परियोजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। ग्रेटा थनबर्ग ने #StopAdani हैशटैग के साथ टवीट कर ऑस्ट्रेलियाई एक्टिविस्ट्स और पर्यावरणविदों का ध्यान आकर्षित भी किया है।

ग्रेटा थनबर्ग के टवीट और उसकी अपील के बाद ऑस्ट्रेलिया में जगह जगह इस कोल प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए साथ ही जर्मनी में भी शुक्रवार को सीमेंस कंपनी के विरोध में कई जगह प्रदर्शन हुए।

दूसरी ओर ग्रेटा थनबर्ग के इस आह्वान पर सीमेंस कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि दूसरी ओर सीमेंस ने साफ कर दिया है कि वह ऑस्‍ट्रेलिया कोल माइनिंग के प्रोजेक्‍ट के लिए अडानी को कोयले की सप्‍लाई जारी रखेगी।

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