चीन ने महीनों से रोके हुए हैं दो भारतीय कार्गो जहाज़ और उसके 39 भारतीय कर्मचारी।

चीन ने महीनों से रोके हुए हैं दो भारतीय कार्गो जहाज़ और उसके 39 भारतीय कर्मचारी।
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चीन में दो भारतीय कार्गो जहाज़ों और उसके क्रू मेंबर्स को दो बंदरगाहों में महीनों से रोके रखने को लेकर असमंजस बना हुआ है। कार्गो जहाज़ एम वी जग आनंद 13 जून से चीन के हेबेई प्रांत में जिंगतांग बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए हैं। इस जहाज में 23 भारतीय सवार हैं। वहीं दूसरा जहाज एम वी अनास्तासिया 3 अगस्त से चीन के कोफिडियन (Caofeidian port) बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए हैं। इसमें 16 भारतीय नागरिक भी हैं।

दोनों जहाज़ों के 39 क्रू मेंबर्स और भारतीय नागरिकों के लिए कार्गो जहाज़ एक जेल की तरह बन गए हैं, इन्होने इस विपदा से निकलने के लिए कई बार गुहार लगाई है उधर चीन इन्हे रोके रखने से इन्कार करता आ रहा है।

Indian Express की खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई से 1,60,000 टन से अधिक कोयला लादकर लाये एम वी जग आनंद मध्य-जून के बाद से जिंगतांग के चीनी बंदरगाह पर अटका हुआ है। इसमें भारतीय चालक दल के 23 सदस्य हैं।

एक अन्य कार्गो जहाज़ एम वी अनास्तासिया जो ऑस्ट्रेलिया से कोयला लेकर आ रहा था,18 भारतीयों के साथ 3 अगस्त से चीन के कोफिडियन बंदरगाह पर लंगर डाले हुए है। दोनों जहाजों को अपने माल को उतारने या दूसरे बंदरगाह के लिए प्रस्थान करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

इस मामले पर भारत ने गुरुवार को कहा कि जहाज पर कुल 39 भारतीयों के साथ दो मालवाहक जहाज चीनी बंदरगाहों में लंगर डाले हुए हैं क्योंकि उन्हें अपने माल को उतारने की अनुमति नहीं थी, हालांकि कुछ अन्य जहाज ऐसा करने में कामयाब रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “इस अभूतपूर्व स्थिति के कारण चालक दल के सदस्यों पर काफी तनाव है।” उन्होंने कहा कि “बीजिंग में हमारा दूतावास चीन में प्रांतीय और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, अनुरोध करता है कि जहाजों को डॉक और / या चालक दल को बदलने की अनुमति दी जाए।”

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में अप्रैल से सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी हुई है तो वहीँ दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया-चीन तनाव हाल के वर्षों में बिगड़ रहा था और तब और खराब हो गया जब ऑस्ट्रेलिया ने कोरोनोवायरस महामारी की उत्पत्ति की स्वतंत्र जांच के लिए किये गए आह्वान का समर्थन किया।

भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से बृहस्पतिवार को दिल्ली में दोनों जहाजों को लेकर दिए गए बयान के जवाब में चीन ने शुक्रवार को कहा कि उसके बंदरगाहों पर दो भारतीय जहाजों के फंसने का भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ बिगड़े रिश्तों से कोई संबंध नहीं है।

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