भारत में बैंक घोटाले करने वालों की लिस्ट लम्बी है, विजय माल्या से लेकर नीरव मोदी और मेहुल चौकसे से लेकर नितिन संदेसरा तक, और जो पैसा लेकर भागे हैं वो हज़ारों करोड़ों में है, मगर आजतक एक भी घोटालेबाज़ पकड़ में नहीं आया है, उलटे विदेशों में बैठकर सरकार की खिल्ली उड़ाते नज़र आते हैं।

आइसलैंड एक ऐसा देश है जहाँ न सिर्फ इन बैंक घोटाले करने वालों को पकड़ा है, जेल पहुंचाया है बल्कि उनके फोटोज़ तक मूत्रालयों में लगवाए हैं।

ये फोटो ट्वीटर पर एक बार शेयर हुआ था, उसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे अपनी तौर पर शेयर किया, मगर इसका पूरा विवरण किसी ने शेयर नहीं किया, भारत में फोटोशॉप गिरोह ने इसके साथ खिलवाड़ कर दूसरे फोटो भी लगाकर शेयर किये।

 

Big Think वेब साइट के अनुसार फोटो लगे ये मूत्रालय आइसलैंड की सेंट्रल रिक्जेविक बार के हैं, और इस मूत्रालय में जो फोटो लगे हैं वो आइसलैंड देश के बड़े बैंक घोटाले करने वाले लोगों के हैं, जिनकी वजह से 2008 में आइसलैंड का बैंकिंग सिस्टम धराशाही हो गया था और उस देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गयी थी। इस के कारण का पूरा विवरण यहाँ  देखिये।

आइसलैंड ने देश के बड़े बैंक घोटाले करने वाले 26 घोटालेबाज़ों को सलाखों के पीछे डाल दिया था, और उन्हें सज़ाएं हुई थीं देखिये BBC की ये  रिपोर्ट

सज़ाओं के साथ इन आर्थिक अपराधियों के फोटो मूत्रालयों में लगाए जाने के बाद शायद ही आइसलैंड देश में कोई फिर से इस तरह के बैंक घोटाले करने की हिम्मत करेगा।

जब छोटा सा देश आइसलैंड अपने धराशाही होते बैंकिंग सिस्टम और चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए इतने सख्त क़दम उठा सकता है तो भारत क्यों नहीं ? आइसलैंड की सरकार बैंक घोटालेबाज़ों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाही कर सकती है तो भारत सरकार क्यों नहीं ?

सवाल उठता है सरकार की प्रतिबद्धता का, घोटालों और भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति के जुमलों के बजाय अमल करने का, आइसलैंड में जिस तरह से बैंक घोटाले करने वालों के फोटोज़ मूत्रालयों में लगाए गए थे, वो इस बात को प्रतिबिंबित करते हैं की वहां की सरकार और जनता इस तरह के अपराधों और अपराधियों के प्रति किस तरह का र’वैया रखती है।

बात फिर घूम फिर कर सरकार की प्रतिबद्धता पर ही आकर टिक जारी है, जो कि दूर दूर तक नज़र नहीं आती।