गुरुवार को बोस्टन (अमेरिका) में एक डॉक्टर को मोडर्ना कोरोनावायरस वैक्सीन लगवाने के कुछ मिनटों बाद ही गंभीर एलर्जी हो गई। New York Times की खबर के अनुसार बोस्टन मेडिकल सेंटर के एक जिएरिएट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. हुसैन सदरजादे ने कोरोना से बचने के लिए मॉर्डना का वैक्सीन गुरूवार को लगवाया था।

डॉ. हुसैन सदरजादे ने कहा कि “टीका लगने के लगभग तुरंत बाद मुझे गंभीर एलर्जी हुई, मुझे एकदम से चक्कर आये और मेरे हृदय की गति बहुत ज्यादा तेज हो गई। “यह मोडर्ना कोरोनावायरस वैक्सीन से जुड़ी पहली सार्वजनिक रूप से गंभीर प्रतिक्रिया है, जो राष्ट्रव्यापी टीकाकरण के पहले सप्ताह में सामने आई है।

बोस्टन मेडिकल सेंटर के एक प्रवक्ता डेविड किबे ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि डॉ. सदरज़ादेह ने महसूस किया कि वैक्सीन लगने के बाद उन्हें तीव्र एलर्जी हुई है तो उन्हें एपि-पेन (EpiPen) दवाई लेने की अनुमति दी उसके बाद उन्हें इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया जहाँ उनकी तुरंत देखभाल की गई, इलाज किया गया, और बाद में छुट्टी दे दी गई, अब वो अच्छा महसूस कर रहे हैं। ”

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा कि एफडीए पांच एलर्जी प्रतिक्रियाओं की जांच कर रहा है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में फाइजर इंक और बायोएनटेक एसई के Covid​​-19 वैक्सीन के बाद लोगों को हुई थीं। अमेरिका में आपातकालीन अनुमति के तहत फाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा रही है। और ब्रिटेन में फाइजर और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-आस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) की वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है।

CDC सीडीसी ने सलाह जारी की कि फाइजर और मोडर्ना के वेक्सीन से उन लोगों को एलर्जी हो सकती है जो पूर्व में एनाफिलेक्सिस से ग्रसित रहे हों। एमोरी विश्वविद्यालय में एक अलर्जिस्ट और प्रतिरक्षाविज्ञानी डॉ. मेरिन कुरुविला का कहना है कि ” ये टीके लेने से उन लोगों को नहीं रोकना चाहिए जो स्पष्ट रूप से बढ़े हुए जोखिम पर नहीं हैं। ”

उधर मोडर्ना के प्रवक्ता रे जॉर्डन ने गुरुवार शाम कहा कि कंपनी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं कर सकती। शुक्रवार को रे जॉर्डन ने कहा कि कंपनी की मेडिकल सेफ्टी टीम इस मामले को देखेगी।

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